तालाब चौराहा पर ई-रिक्शा पर क्रम संख्या डलवाते पुलिस अधिकारी। संवाद
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शहर में अब केवल साफ छवि वाले चालक ही ई-रिक्शा चला सकेंगे। इसी उद्देश्य को लेकर बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक चिंजरवीनाथ सिन्हा और अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा ने तालाब चौराहा पर ई-रिक्शा पर क्रम संख्या डलवाने के अभियान का शुभारंभ किया।
पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन किया है। उनकी जानकारी फॉर्म पर फोटो सहित दर्ज की गई। अब तक 98 ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन हो चुका है। इन चालकों को एक यूनिक आईडी भी दी गई है। यह क्रम संख्या ही ई-रिक्शा चालकों की मुख्य पहचान बनेगी। इससे किसी भी दुर्घटना या अपराध की स्थिति में वाहन और चालक को आसानी से पहचाना जा सकेगा। क्रम संख्या आवंटित करने से पहले पुलिस द्वारा ई-रिक्शा चालकों का गहन भौतिक और दस्तावेजी सत्यापन किया गया।
चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, फिटनेस, बीमा और परमिट की प्रतियों की बारीकी से जांच की गई। साथ ही चालकों और वाहन स्वामियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले गए। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि यह डेटा पुलिस के सॉफ्टवेयर में फीड रहेगा। इस व्यवस्था से शहर में अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शों पर लगाम लगेगी। साथ ही आम नागरिकों और यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।