एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 16 जनवरी को समाप्त हो गई। अंतिम दिन अधिक से अधिक उपभोक्ता पंजीकरण करा सकें, इसके लिए विद्युत विभाग के कार्यालय देर रात तक खुले रहे। जबतक उपभोक्ता कार्यालय पहुंचे उनका ओटीएस योजना के तहत पंजीकरण किया गया।
विद्युत विभाग द्वारा बकायेदारों को राहत पहुंचाने के लिए चलाई जा रही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 16 जनवरी को समाप्त हो गई। अंतिम दिन अधिक से अधिक उपभोक्ता पंजीकरण करा सकें, इसके लिए विद्युत विभाग के कार्यालय देर रात तक खुले रहे। जबतक उपभोक्ता कार्यालय पहुंचे उनका ओटीएस योजना के तहत पंजीकरण किया गया। जिससे की उन्हें ओटीएस योजना का लाभ प्राप्त हो सकें।
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उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड लखनऊ द्वारा बकायेदार व बिजली चोरी करते पकड़े गए उपभोक्ताओं को राहत देते हुए आठ नवंबर से एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की थी। आठ नवंबर से शुरू हुई ओटीएस योजना 31 दिसंबर समाप्त हो गई। योजना का पहला चरण आठ से 31 नवंबर व व दूसरा चरण एक से 15 नवंबर तक चला था।
पहले चरण में बकायेदारों को जुर्माने में 65 फीसदी की छूट दी गई थी, जबकि दूसरे चरण में 60 फीसदी का बकायेदारों लाभ मिला था। 16 से 31 दिसंबर तक ओटीएस योजना का तीसरा और अंतिम चरण चला था। जिससे बद में शासन द्वारा इसे बढ़कार 16 जनवरी तक कर दिया था। इस चरण में भी बकायेदारों को जुर्माने में 50 प्रतिशत की छूट दी गई।
8 नवंबर से जारी ओटीएस 16 जनवरी को समाप्त हो गई। अंतिम दिन जब तक उपभोक्ता कार्यालय पहुंचे, तब तक कार्यालय खोलने के निर्देश दिए गए थे, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को ओटीएस का लाभ प्राप्त हो सके।-अरविंद कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत