जिले में प्रत्येक परिवार की फैमिली आईडी (एक परिवार एक पहचान) बननी है। इससे परिवारों की जरूरत के आधार पर उनको सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस आईडी के माध्यम से ही लोग किसी भी सरकारी सेवा व योजना के लिए आवेदन कर पाएंगे।
जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने कहा कि फैमिली आईडी योजना शासन की प्राथमिकताओं में से एक है। किसी भी योजना व सेवा का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को फैमिली आईडी दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युवाओं को बार-बार प्रमाण-पत्र के लिए परेशान नहीं होना पडेगा। जिन परिवारों के राशन कार्ड बन चुके हैं, वह फैमिली आईडी की तरह ही कार्य करेंगे। जनपद में संचालित सभी जनसेवा केंद्रों अथवा ग्राम पंचायत सचिवालय में स्थापित केंद्रों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। फैमिली आईडी निर्मित करने के लिए आवेदन के सत्यापन की प्रक्रिया ई-डिस्टिक्ट पोर्टल की भांति होगी, जिसके तहत परिवार एवं उनके सदस्यों का सत्यापन शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी द्वारा लेखपाल के माध्यम से तथा ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से किया जाएगा।