उपजिलाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने सोमवार को बाल विकास परियोजना, आपूर्ति विभाग और विकास खंड कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारी व कर्मचारियों की उपस्थिति जांची। मौके पर कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। रजिस्टर में उनकी अनुपस्थिति दर्ज कर उनसे जवाब तलब किया गया है। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ शीर्ष अधिकारियों से फोन पर बात कर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
एसडीएम सुबह 10:25 बजे बीआरसी दफ्तर पहुंच गए। यहां एबीएसए कार्यालय का गेट बंद था और ताला खुला था। यहां कार्यालय सहायक उपेंद्र और सेवक सुखवीर सिंह मौजूद थे। खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद नहीं थे। कार्यालय में बैठकर एसडीएम ने हाजिरी रजिस्टर जांचा। ब्लॉक एमआईएस मोनू उपाध्याय, कार्यालय सहायक राजेंद्र सिंह, कार्यालय सहायक संदीप कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर अंजू सिंह, संकुल वाहक मुकेश कुमार, सहायक लेखाकार विष्णु प्रसाद अनुपस्थित थे।
एसडीएम ने रजिस्टर में सबकी गैरहाजिर दर्ज की। उसके बाद एसडीएम सुबह 10:33 बजे ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद मिले। उसके बाद बाल विकास पोषाहार के ऑफिस पर पहुंचे। यहां भी सुपरवाइजर सोनू आर्या और सीडीपीओ स्तुति वर्मा मौजूद मिली।
एसडीएम सुबह 10:40 बजे आपूर्ति कार्यालय पहुंचे। वहां कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश कुमार मिले। पूछताछ में पता चला कि कृष्ण बाबू किसी जरूरी काम से अलीगढ़ गए हैं। आपूर्ति निरीक्षक यतीशचंद्र गुप्ता किसी मामले में एसीजेएम कोर्ट गए हैं। एसडीएम ने वहां मौजूद रजिस्टर को चेक किया। आईजीआरएस रजिस्टर जांचने पर शिकायतों के समाधान के बारे में शिकायतकर्ताओं से जानकारी ली। दफ्तर में गंदगी मिलने पर सफाई के निर्देश दिए गए। डीएसओ से फोन पर बात कर बाबू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कहा। किशन बाबू के सोमवार को न आने पर गैरहाजिरी लगाई। संवाद