डाक सहायक की पत्नी की मुख्य डाकघर हाथरस में मौत के मामले में एसएसपी, पोस्ट अलीगढ़ डिवीजन ने जांच बैठा दी है। टीम इस मामले की विस्तृत जांच करेगी। डाकघर के कर्मचारियों की कार्य प्रणाली ने सवाल खड़े कर दिए गए हैं। मृतक डाक कर्मी था, इसके बाद भी उनके परिवार को 11 महीनों से परेशान किया जा रहा था। आखिर महिला की पति की पेंशन के इंतजार में मौत हो गई।
कासगंज रोड, सिकंदराराऊ की रहने वालीं राधा रानी(57) की 4 जून को मुख्य डाकघर हाथरस में मौत हो गई। वे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए बीमारी होने के बावजूद प्रथम तल की सीढि़यां चढ़ रही थीं। इस दौरान उनकी सांस फूली और मौत हो गई। मृतक की बेटी श्रेया दीक्षित ने एएसपी कार्यालय के कार्यालय सहायक को अपनी मां की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
श्रेया का कहना है कि उनके पिता की 29 जून 2025 को मौत हो गई थी। 11 महीने से वे डाकघर के चक्कर काट रहे थे, लेकिन एनपीएस की फाइल अटकाए रखी। श्रेया के अनुसार 4 जून को उनकी मां की तबियत खराब थी। कार्यालय सहायक को जानकारी होने के बावजूद उन्होंने नीचे आने से मना कर दिया। साथ ही कहा कि मां को हस्ताक्षर करने के लिए ऊपर ही आना होगा।
वे मां को सीढिय़ों पर बैठा कर प्रथम तल पर ले जा रही थीं कि इसी बीच उनकी सांस फूली और वे बेहोश हो गईं। मामला हाईलाइट होने पर एसएसपी पोस्ट अलीगढ़ विवेक वार्ष्णेय ने प्रकरण में जांच बैठा दी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को टीम भेजी गई है, जो विस्तृत जांच में जुटी है। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। संवाद