नगला भीम कलवारी में पाइपलाइन बिछाए बिना ठेकेदार को 40.13 लाख रुपये का भुगतान करने के मामले में डीएम स्तर से जांच कमेटी गठित कर दी गई है। डीएम अतुल वत्स ने एडीएम न्यायिक प्रकाश चंद्र की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। प्रकरण की विस्तृत जांच में पेयजल योजना के अंतर्गत हुए कार्यों की हकीकत सामने आएगी।
अमर उजाला ने इस खबर को 16 नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। राज्य सेक्टर की पेजयल योजना के अंतर्गत नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2022-23 में जल आपूर्ति की 12 योजनाएं तैयारी की थीं, जिसका बजट 3.94 करोड़ रुपये था। इन्हीं योजनाओं में से एक वार्ड-17 के नगला भीम कलवारी की थी। इस इलाके में पेयजल पाइपलाइन बिछाने व घर-घर कनेक्शन देने की योजना थी। बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कराने के बाद 15 जुलाई 2023 को टेंडर निकाला गया। इस काम में नगला भीम कलवारी में पाइपलाइन नहीं बिछी और न ही लोगों के घरों में कनेक्शन दिए गए। इसके बावजूद तीन बार में 40.13 लाख रुपये का ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया था। राज्य पेयजल सेक्टर के अंतर्गत हुए अन्य कार्यों में भी हुई गड़बड़ी की खबरें प्रकाशित की गईं थीं। खबरें प्रकाशित होने के बाद शासन स्तर से इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब मांगा है।