परिवहन निगम के हाथरस डिपो के बेड़े में अब बसों की संख्या कम हो गई है। लंबे समय से सड़कों पर दौड़ रहीं और अपनी मियाद पूरी कर चुकीं सात खटारा बसों को डिपो प्रबंधन ने रूट से हटाकर नीलामी प्रक्रिया के लिए खड़ा कर दिया है। इस कारण डिपो में बसों का संकट खड़ा हो गया है।
अब तक डिपो के बेड़े में कुल 94 बसें शामिल थीं, लेकिन सात बसों के कबाड़ की श्रेणी में आने के बाद अब डिपो में केवल 87 बसें ही परिचालन के लिए बची हैं। बसों की संख्या घटने का सीधा असर यात्रियों की आवाजाही पर पड़ना तय माना जा रहा है। संख्या में आई कमी के कारण खासतौर पर आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर चलने वाली बसों की फेरों में कटौती की जाएगी।
इसके अलावा आपात स्थिति या अतिरिक्त भीड़ से निपटने के लिए रखी जाने वाली रिजर्व बसों की संख्या में भी कमी आएगी। डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि सामान्य तौर पर डिपो में 80 से 90 बसें रहती हैं, हमें कुछ नई बसें पूर्व में प्राप्त हो चुकी हैं, इसलिए रूट पर बसों के संचालन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सिर्फ रिजर्व बसों की संख्या कम होगी, भविष्य में और भी बसें मिलने की उम्मीद है। यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसों की संख्या पूरी है।