प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा के खिलाफ धरना देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक बाबूलाल के आरोपों के आधार पर अब बीएसए मथुरा ने शिक्षक नेता की बहन को नोटिस दिया है। इसमें कहा गया है कि मृतकाश्रित के रूप में दोहरी नियुक्ति की जांच में वह दोषी पाई गई हैं। क्यों नहीं आपको बर्खास्त किया जाए। बीएसए मथुरा शौकीन सिंह यादव ने एक सप्ताह में स्पष्टीकरण दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए मथुरा शौकीन सिंह यादव ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुरीर विकास खंड नौहझील में तैनात सहायक अध्यापिका ममतेश कुमारी को नोटिस दिया है, जिसमें उन पर मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत कूट रचित एवं धोखाधड़ी करके नियुक्ति पाए जाने के आरोप लगाए हैं।
बीएसए मथुरा ने कहा है कि 27 दिसंबर 2016 को बाबूलाल निवासी ग्राम चौकड़ा तहसील मांट जिला मथुरा ने हाथरस तहसील दिवस में शिकायत की थी, जिसकी जांच कराई गई। इसके आधार पर 17 मई 2016 को सुनवाई करते हुए निस्तारण आख्या बीएसए हाथरस रेखा सुमन के माध्यम से इस कार्यालय को उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रकरण में आपके पिता घासीराम की मृत्यु उपरांत मृतक आश्रित के रूप में आपके भाई सुरेश कुमार शर्मा की नियुक्ति का 19 अगस्त 1985 को लाभ प्राप्त किया गया है। इसके उपरांत लगभग 9 वर्ष बाद 4 अप्रैल 1994 को पत्रजातों में हेरफेर करके विभाग को गुमराह करते हुए धोखाधड़ी से मृतकाश्रित के रूप में दोहरी नियुक्ति का आपके द्वारा लाभ पाया गया है, जोकि नितांत असंवैधानिक है।
क्यों नहीं आपके विरुद्ध संबंधित प्रकरण में बेसिक शिक्षा नियमावली 1972 उत्तर प्रदेश अनुशासन एवं अपीलीय नियमावली 1999 यथा संशोधित एवं मृतकाश्रित नियुक्ति नियमावली 2004 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई के तहत सेवा से पदच्युत करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। बीएसए मथुरा ने इसकी प्रति वित्त एवं लेखाधिकारी मथुरा एवं खंड शिक्षा अधिकारी नौहझील को भी भेजी है।
अभी तक मामले की जांच चल रही है। विभाग जांच करने के लिए स्वतंत्रत है। जो भी जांच का नतीजा होगा, उसके आधार पर कार्यवाही होगी।
- सुरेश कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष प्राशिसं