फसल रौंदे जाने से गुस्साए किसान प्रदर्शन करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
आवारा पशुओं ने किसान बेहद दुखी हैं। उन्हें अपनी फसलों को इन आवारा पशुओं से बचाने का कोई और तरीका नहीं सूझ रहा है, ऐसे में किसान लगातार पशुओं को परिषदीय विद्यालयों में बंद कर रहे हैं। शनिवार को भी सादाबाद क्षेत्र के गांव वासदत्ता के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के परिसर में किसानों ने करीब 100 आवारा पशुओं को एकत्रित कर भर दिया। इससे स्कूल में पढ़ाई ठप हो गई। इन आवारा पशुओं का कोई इंतजाम न किए जाने से परेशान गुस्साए किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्कूल में पशु बांध दिए जाने की सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने पुलिस की एक नहीं सुनी। किसानों का कहना था कि ये पशु फसलों को उजाड़ रहे हैं, यदि ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। किसान शाम तक खेतों से इन आवारा पशुओं को एकत्रित कर स्कूल में भरने में जु़टे रहे। सांड, गाय आदि बांध दिए जाने की वजह से स्कूल की पढ़ाई भी ठप हो गई। इस वजह से शिक्षकों से भी ग्रामीणों की नोंकझोंक हो गई।
शिक्षकों ने स्कूल में पशु बांधे जाने की सूचना अपने अधिकारियों को भी दी। प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की गई। हालांकि मौके पर कोई नहीं पहुंचा। पशु स्कूल के परिसर में ही घूमते रहे। इधर, किसानों की सूचना पर दोपहर बाद वहां पूर्व विधायक प्रताप चौधरी भी पहुंचे, उन्होने ग्रामीणों को बताया कि प्रशासन जल्द ही समस्या का समाधान करेगा। प्रधानपति मूलचंद्र ने बताया कि आवारा पशु किसानों की फसलों को रौंद रहे हैं। किसान बहुत परेशान हैं। प्रशासन को इन पशुओं के लिए कोई व्यवस्था करनी चाहिए। इस दौरान गांव के ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।