हाथरस जिला अस्पताल में अब जल्द ही मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू होंगे। ऑपरेशन थियेटर तैयार हो चुका है। निश्चेतक व अन्य प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता होते ही ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे। इधर, ओपीडी में सर्दियों के चलते मोतियाबिंद के मरीज अच्छी खासी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। रोजाना लगभग 40 मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें अभी तक हायर सेंटर जाने की सलाह दी जा रही थी।
संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नही मिल पा रहीं। इसकी मुख्य वजह है चिकित्सक व स्टाफ की कमी। जनरल सर्जन के न होने से यहां सामान्य ऑपरेशन व गंभीर मरीजों को भर्ती करना संभव नहीं हो पा रहा है। यहां आई सर्जन की तैनाती है, इसलिए हाल ही में बनकर तैयार हुए मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का प्रयोग मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए किया जाएगा।
लगभग डेढ़ साल से जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में लगभग 100 ऑपरेशन हुए थे। ओटी बनने के बाद ठंड को देखते हुए जल्द ही इनकी शुरुआत की जाएगी। इसके लिए उपलब्ध स्टाफ को ही प्रशिक्षित किया जा रहा है। मंगलवार को ओपीडी में 160 मरीजों ने नेत्र परीक्षण किया, जिनमें से कई को मोतियाबिंद की शिकायत मिली।
फिलहाल इन्हें दवा देकर घर भेजा जा रहा है। अगले हफ्ते से मोतियोबिंद के मरीजों को ऑपरेशन की तिथि मिलना शुरू हो सकती है। आई सर्जन डा. राजेंद्र सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन अधिकतर ठंड में होते हैं। इस मौसम में पसीने, धूल व धूप से होने वाले संक्रमण से बचना आसान होता है।
मॉड्यूलर ओटी तैयार हो चुका है। व्यवस्थाएं पूर्ण कर जल्द ही मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे।- डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस