राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक पर हमला करने और रुपये छीनने के मामले में चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-6) शैलेंद्र सिंह ने खारिज कर दिया है। जानलेवा हमले व लूट में रिमांड परिवर्तित होने के बाद कोर्ट ने 11 जून तक सरेंडर करने के आदेश दिए थे।
मामला एक फरवरी का है, जब आरएसएस के हाथरस जिला प्रचारक जयकिशोर अपने साथी के साथ कार से नवल नगर स्थित आरएसएस कार्यालय जा रहे थे। मुख्य बाजार के पास कार मोड़ने के दौरान सामने से आ रहे सतीश उर्फ डब्बू और उसके बेटों (तरुण व देव) ने कार पीछे करने को लेकर विवाद शुरू कर दिया।
आरोप है कि इन लोगों ने अवैध हथियारों के साथ जयकिशोर के साथ मारपीट की और अपने अन्य साथियों (सचिन चौधरी और राकेश) को भी बुला लिया। हमलावरों ने न सिर्फ गाड़ी के शीशे तोड़े, बल्कि जयकिशोर की जेब से रुपये लूट लिए और जान से मारने की नियत से अवैध असलहे से फायर भी किया। गंभीर हालत में जयकिशोर को जिला अस्पताल से आगरा रेफर किया गया था।
दर्ज मुकदमे में निचली अदालत ने रिमांड परिवर्तित कर दी थी, जिससे आरोपियों को जमानत मिल गई थी। बाद में कोर्ट ने फिर से लूट व जानलेवा हमले जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाईं। सीजेएम कोर्ट ने 23 मई को आदेश जारी कर सभी आरोपियों को 11 जून तक कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था, ताकि उन्हें न्यायिक हिरासत में लिया जा सके। इसी गिरफ्तारी और जेल जाने से बचने के लिए आरोपियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की गुहार लगाई थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि आरोपियों द्वारा किया गया अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों सतीश उर्फ डब्बू, सचिन चौधरी, तरुण और देव की अग्रिम जमानत याचिका को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद अब आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।