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जिपं. अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान आज

Wed, 14 Jun 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
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पंचायत - फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत कार्यालय बुधवार को नए इतिहास का गवाह बनेगा। जिला बनने के बाद पहली बार इस परिसर में जिला पंचायत के मुखिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा। यह मतदान सुबह 10 बजे से शुरू होगा। डीएम अमित कुमार सिंह के अलावा एक न्यायिक अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। मामला चूंकि पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का है, इसलिए आसपास के जिलों के लिए भी यह सियासी लड़ाई बेहद दिलचस्प हो गई है। पूर्व मंत्री की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। एक तरफ सपा, रालोद और भाजपा मिलकर पूर्व मंत्री को सियासी पटकनी देने के लिए एकजुट हैं तो दूसरी तरफ पूर्व मंत्री शांत तरीके से प्रतिष्ठा की इस जंग को जीतने के लिए कमर    कस चुके हैं।
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जिला प्रशासन ने भी अविश्वास प्रस्ताव की इस प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए कमर कस ली है। इस राजनीतिक लड़ाई को प्रशासन हल्के में लेने की चूक नहीं करना चाहता। यही वजह है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पूरा जिला पंचायत कार्यालय कड़े सुरक्षा घेरे में नजर आएगा। अधिवेशन स्थल पर सभी तरह के हथियार और लाव-लश्कर लेकर आने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यहां तक कि जिला पंचायत सदस्यों के अलावा उनके साथ किसी भी बाहरी शख्स को अधिवेशन स्थल पर पहुंचने की इजाजत नहीं दी गई है। उन्हें बैरिकेडिंग के बाहर ही रोका जाएगा। जिला पंचायत सदस्य भी कड़ी सुरक्षा जांच के बाद ही अंदर दाखिल हो पाएंगे। नेताओं के काफिलों को भी जिला पंचायत कार्यालय से करीब 200 मीटर की दूरी पर रोकने की व्यवस्था की गई है। दोनों छोराें पर बैरियर लगाकर वाहन रोके जाएंगे।
डीएम अमित कुमार और एसपी घुले सुशील खुद जिला पंचायत कार्यालय जाकर तैयारियों का जायजा ले चुके हैं और सुरक्षा इंतजाम चाक-चौबंद रखने का आदेश दे चुके हैं। चारों एसडीएम और सीओ की ड्यूटी भी जिला पंचायत कार्यालय पर लगाई गई है। फिलहाल जिले का हर आम-ओ-खास जानना चाहता है कि आखिर बसपा बनाम सभी दलों की लड़ाई में किसका पलड़ा भारी बैठेगा। क्या पूर्व मंत्री परिवार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के साथ अपनी राजनीतिक साख बचाए रखने में कामयाब हो पाएगा या फिर जिले के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार को मात देने की विरोधी दलों की कोशिश कामयाब हो पाएगी।
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विपक्ष के दावों और आरोपों पर मुझे कुछ भी कहना-सुनना नहीं है, लेकिन मैं इतना जानता हूं कि अविश्वास प्रस्ताव पर जीत हमारी ही होगी। विपक्षी कितने भी षडयंत्र कर लें, हमारी प्रतिष्ठा को आंच नहीं आने वाली। बाकी अविश्वास प्रस्ताव का नतीजा सभी देखेंगे।
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रामवीर उपाध्याय, पूर्व मंत्री
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