विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय ने अनुसूचित जाति की एक 14 वर्षीय किशोरी से घर में घुसकर छेड़खानी करने व जानलेवा हमला करने के मामले में नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक थाना सासनी क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप था कि उसकी 14 वर्षीय नातिन दौड़ का अभ्यास करने जाया करती थी। 31 दिसंबर 2017 को वह सुबह दौड़ते हुए खेतों की तरफ गई तो वहां बंटी व दुर्गा ने उससे बुरी नीयत से छेड़खानी की, दोनों अश्लील हरकत करने लगे। मुश्किल से किशोरी ने खुद को आरोपियों से खुद को बचाया।
अपने घर वालों को सारी घटना बताई। आरोपियों के घरवालों से शिकायत करने पर नामजद गाली-गलौज करने लगे। एक जनवरी 2018 को सोबरन सिंह, गणेशी लाल, पप्पू, विजेंद्र पुत्रगण गुलाब सिंह, बंटी पुत्र विजेंद्र सिंह, दुर्गा, चिकनी, भूरा पुत्रगढ़ गणेशी लाल, रवि पुत्र भूरा, जगबीर पुत्र विजेंद्र ने लाठी-डंडों और हथियारों से घर पर हमला कर दिया। पीड़िता के साथ उसके घरवालों से भी मारपीट की। मामले में थाना सासनी में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। दौरान विचारण मुकदमा गणेशीलाल की मृत्यु हो जाने की वजह से उसके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त की गई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत बंटी, दुर्गा उर्फ दुर्गपाल, सोबरन सिंह, पप्पू, विजेंद्र, चिकनी उर्फ नरेश कुमार, भूरा उर्फ ओमप्रकाश, काला उर्फ नेमसिंह, जगवीर को दोषी करार देते हुए दस दस साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थ दंड भी लगाया है। अर्थ दंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।