जिले में बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस लाइंस परिसर में एक नया साइबर थाना तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण 383.19 लाख रुपये की लागत से हो रहा है। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
थाना जी-प्लस-वन भवन दो मंजिला होगा। इसमें साइबर अपराधों की जांच के लिए आधुनिक डिजिटल जांच सॉफ्टवेयर स्थापित होंगे। फॉरेंसिक उपकरण और सुरक्षित संचार प्रणाली भी विकसित की जाएगी। निर्माण कार्य अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के अभियंता अरुण कुमार ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात कही। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि यह केवल थाना नहीं, बल्कि तकनीकी जांच का केंद्र होगा। भवन का फ्रंट 3-डी एलिवेशन तैयार किया गया है। इसका डिजाइन आधुनिक वास्तुशैली के अनुरूप है।
साइबर लैब और जांच सुविधाएं
नए साइबर थाने में एक विशेष साइबर लैब विकसित की जाएगी। यह डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और डेटा रिकवरी में सहायक होगी। मोबाइल व लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी यहां होगी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और आईपी आधारित तकनीकी जांच के उपकरण उपलब्ध होंगे। अधिकारियों के बीच सुरक्षित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सुरक्षित नेटवर्क भी बनेगा। भवन में साइबर लैब के अलावा हवालात, सर्विलांस एवं कंट्रोल रूम होगा। शिकायतकर्ताओं और आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं भी होंगी। क्षेत्राधिकारी साइबर कार्यालय और प्रशिक्षण केंद्र भी यहीं स्थापित होगा।
जिले में सामने आए साइबर के मामले
2026 - 29
2025 - 56
2024 - 21
2023 - 24
2022- 18