पुलिस ने रोका, हेलमेट न पहने पर टोका तो पहले राजनीतिक संबंधों का रौब दिया, फिर फोन मिलाकर कहा, लो नेताजी से बात कर लो, इस तरह की स्थिति से रोज ही यातायात पुलिस कर्मी जूझ रहे हैं। एक बाइक सवार ने वर्दी उतरवाने की धमकी तक दे डाली। ऐसा करने वालों की सिफारिश करे वाले भी भूल रहे हैं कि हेलमेट बाइक सवारों की जान बचाता है।
पुलिस हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है, उसका महत्व बता रही है, चालान भी कर रही है, लेकिन कुछ लोग है कि मानते ही नहीं, तरह-तरह के बहाने बनाते नजर आ रहे हैं। जिले में बुधवार को 374 चालान काटे गए, जिनमें 334 चालान हेलमेट के थे। यातायात पुलिस के साथ सहायक संभागीय परिवहन विभाग भी दुपहिया वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए सड़क पर उतर गया है। एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद, शहर कोतवाल सतेंद्र राघव व यातायात निरीक्षक सुभाष यादव ने टीम के साथ दुपहिया वाहन चालकों को रोका तथा हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित किया। लगभग दो घंटे चले इस अभियान के दौरान बाइक सवार बचकर भागते नजर आए।
रोके गए बाइक सवारों को हेलमेट न लगाने का कारण भी पूछा गया, तो वे लोकल का हवाला देने लगे। कोई बोला बस यहीं तक जा रहा हूं, तो कोई दवा लेने जाने का बहाना बनाने लगा। बहाने से बात नहीं बनी तो पुलिस को धमकमियों का भी सामना करना पड़ा। शहर कोतवाल ने उसे समझाया और हेलमेट पहनने की सलाह दी। एक युवक मोबाइल पर बात कराने लगा।
लाइसेंस कराए जाएंगे निरस्त
चैकिंग के दौरान एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि केवल चालान की कार्रवाई से लोग समझने वाले नहीं है। कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। इस संबंध में वे उच्च अधिकारियों से बात करेंगे। दो से तीन बार यदि किसी वाहन चालक का हेलमेट में चालान होता है तो उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई कराई जाएगी।