हाथरस। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में लापरवाही बरत रही प्राइवेट कंपनी को कार्य की धीमी गति पर एसई स्तर के बाद एमडी स्तर से भी नोटिस जारी कर दिया गया है।
गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के 23 जिलों को करीब 2300 करोड़ रूपये रिलीज किए गए हैं। इस राशि से उन गांव में विद्युत कार्य होने हैं, जहां आज तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है। इस योजना के तहत हाथरस में भी 1200 से अधिक गांव मजरों का विद्युतीकरण होना था, लेकिन हालात ये हैं कि काफी समय व्यतीत हो जाने के बाद भी जिले में विद्युतीकरण का 50 फीसदी भी काम पूरा नहीं हुआ है। इसकी शिकायत अधीक्षण अभियंता ने उच्चाधिकारियों से की थी और कंपनी को भी कार्य धीमी गति से होने पर नोटिस भेजा गया था, लेकिन फिर भी काम में कोई तेजी नहीं आई। इधर, गत माह जब आगरा में विद्युतीकरण के काम की समीक्षा की गई तो हाथरस में काम की काफी धीमी गति होने पर एमडी स्तर से कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा की मानें तो कंपनी द्वारा जिले में काफी धीमी गति से काम किया जा रहा था, जिसके लिए कंपनी को उनकी तरफ से भी नोटिस दिया गया था और इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की गई थी।