छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत शिक्षण संस्थाओं के अभिलेखों के सत्यापन के लापरवाही का मामला सामने आया है। इस मामले में सीडीओ ने 12 अफसरों को रिमाइंडर जारी करते हुए तत्काल सत्यापन रिपोर्ट जिला समाज कल्याण विभाग में जमा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सत्यापन न होने के कारण 10 मार्च तक फाइनल डाटा लॉक करना संभव नहीं है।
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए गए थे। इन आवेदनों का स्कूल कॉलेजों के माध्यम से डाटा का सत्यापित कर विभाग को प्रेषित किया गया है। इस डाटा के सापेक्ष डाटा का सत्यापन कराने के लिए डीएम अर्चना वर्मा ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे।
इन निर्देशों के क्रम में शिक्षण संस्थानों का भौतिक सत्यापन कर अभिलेखों की जांच की जानी थी, लेकिन जिले के 12 अधिकारियों ने अभिलेखों के सत्यापन में लापरवाही बरती है। इस लापरवाही के कारण जिले के शिक्षण संस्थाओं का डाटा 10 मार्च तक लॉक होने में समस्या आ रही है। सीडीओ ने इसे लेकर 12 अफसरों को रिमाइंडर जारी करते हुए जल्द से जल्द सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।