अमृत योजना के लिए केंद्र सरकार ने बेशक प्रदेश सरकार को चुनी गईं नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में काम कराने के लिए पैसा दे दिया है, लेकिन अभी तक राज्य सरकार ने यह पैसा जारी नहीं किया है। राज्य सरकार द्वारा यह पैसा किश्तों में दिया जाएगा। इस महीने पहली किश्त मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार द्वारा जिस खाते में यह पैसा भेजा जाएगा, वह भी खुलवाया जा चुका है। पहली किश्त से शहर के पार्कों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। योजना से हाथरस नगर पालिका को कुल 232 करोड़ रुपया मिलना है, जिससे पार्कों के सौंदर्यीकरण के अलावा पेयजल और सीवरेज लाइन का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
गौरतलब है कि एक साल पहले हाथरस नगर पालिका का चयन केंद्र सरकार की महत्वाकांछी अमृत योजना में हुआ था। इसके लिए प्रस्ताव तो 250 करोड़ से भी ज्यादा के भेजे गए, लेकिन काट-छांट के बाद इसमें से 232 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार की सहमति के साथ केंद्र सरकार को भेजा गया, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी।
यह शहर के लिए बड़ी उपलब्धि थी। पिछले हफ्ते खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना में चुनी गईं नगर पालिका के अध्यक्षों और नगर निगम के महापौरों की मौजूदगी में इस योजना को लांच किया और इसकी खासियतें बताईं।
निकाय प्रतिनिधियों से पीएम ने इस योजना पर ईमानदारी से अमल करने का वादा भी लिया है। केंद्र से उसी दिन इस धनराशि का चेक भी प्रदेश सरकार को दे दिया गया। अब पालिका को धनराशि मिलने का इंतजार है।
चेयरमैन डौली माहौर की मानें तो पहली किश्त में शहर के चार पार्कों के जीर्णोद्धार के लिए धनराशि मिलेगी, जोकि इसी महीने मिलने की उम्मीद है। जिन पार्कों का योजना से सौंदर्यीकरण किया जाना है, उनमें आवास-विकास कॉलोनी और वाटर वर्क्स क्षेत्र के पार्क शामिल हैं।
इन पार्कों पर करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। दूसरे चरण में शहर में 40 किमी की पेयजल लाइन डाली जाएगी और उसके बाद पूरे शहर में सीवर लाइन का भी कायाकल्प किया जाएगा। शहर की पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए 17 नलकूप भी लगाए जाने हैं। शहर के अंत्येष्टि स्थलों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण भी इस योजना से होना है।
हाथरस नगर पालिका खाता खुल चुका है। जल्द ही शासन से इस योजना की पहली किश्त मिल जाएगी, जिसके बाद योजना से प्रस्तावित कामों की शुरुआत हो जाएगी।
- डौली माहौर, अध्यक्ष नगर पालिका हाथरस