छात्र कृतार्थ की हत्या में जेल गए प्रबंधक दिनेश बघेल पर बेसिक शिक्षा विभाग ने भी शिकंजा कस दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी 27 सितंबर को उस पर बिना मान्यता कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं और आवासीय विद्यालय चलाने, धोखाधड़ी व आरटीई के उल्लघंन सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, राष्ट्रीय बाल आयोग ने भी घटना का संज्ञान लिया है और आयोग की एक टीम हाथरस आएगी।
बाल अधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूगो ने घटना को भयानक और अक्षम्य कृत्य बताया है। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में राज्य बाल आयोग के अध्यक्ष से बात की है और आयोग की एक टीम जल्दी हाथरस भेजी जाएगी। आयोग बच्चों की सुरक्षा के संबंध में सरकार को सिफारिशें भी देगा।
रसगवां स्थित डीएल पब्लिक स्कूल के बिना मान्यता आवासीय विद्यालय चलने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। खंड शिक्षा अधिकारी पूनम चौधरी ने रिपोर्ट में बताया है कि विद्यालय के पास केवल कक्षा एक से पांचवीं तक की मान्यता थी, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना धोखाधड़ी से यहां एक से आठवीं तक की कक्षाओं और आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा था।
उन्होंने 27 सितंबर को विद्यालय का निरीक्षण किया तो वह बंद मिला। ग्राम प्रधान मुनेश देवी ने लिखित बयान में कहा है कि इस विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही थीं और विद्यालय आवासीय था।