उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान जहां हजारों अभ्यर्थी अपने भविष्य की परीक्षा देने पहुंचे, वहीं परीक्षा केंद्रों के बाहर परिवारों के त्याग, संघर्ष और सहयोग की कई मार्मिक कहानियां भी देखने को मिलीं। किसी ने अपनी भाभी के सपने को अपना सपना मान लिया तो कोई घायल पिता की सीख को दिल में लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंच गया।
तपती दोपहर में परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे परिजनों की आंखों में सिर्फ एक उम्मीद थी कि उनके अपने सफलता की मंजिल तक पहुंचें। पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर केवल अभ्यर्थियों की भीड़ नहीं थी, बल्कि उनके सपनों के साथ खड़े परिवारों का समर्पण भी दिखाई दिया। कहीं मां-बाप धूप में इंतजार करते मिले तो कहीं भाई, बहन, ननद, भाभी और दादा-दादी अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाते नजर आए। इन तस्वीरों ने साबित किया कि किसी भी सफलता के पीछे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार का संघर्ष और सहयोग छिपा होता है।
केस-01
गोद में भतीजे को लेकर करती रहीं इंतजार
कासगंज निवासी काजल सोमवार को अपनी भाभी को पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने हाथरस पहुंची थी। परिवार में कोई अन्य सदस्य साथ नहीं आ सका तो उसने खुद यह जिम्मेदारी संभाली। परीक्षा केंद्र पहुंचने के बाद जब उसकी भाभी परीक्षा देने अंदर चली गईं तो काजल बागला मांटेसरी स्कूल परिसर स्थित मंदिर में करीब एक वर्ष के अपने भतीजे को गोद में लेकर घंटों इंतजार करती रहीं। कभी वह बच्चे को बहलातीं तो कभी उसे पानी पिलाती नजर आईं। तपती गर्मी और लंबे इंतजार के बावजूद उनके चेहरे पर कोई शिकायत नहीं थी। उनका कहना था कि भाभी की नौकरी पूरे परिवार के लिए खुशी लेकर आएगी।
केस-02
दुर्घटना में पिता घायल, फिर भी बेटी पहुंची परीक्षा देने
पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने आगरा से आई एक युवती की कहानी भी लोगों को भावुक कर गई। युवती की मां प्रवेश ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके पति सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे और उपचार चल रहा है। परिवार पर मुश्किलों का दौर है, लेकिन उनकी बेटी को पिता ने परीक्षा छोड़ने के बजाय पूरी तैयारी के साथ शामिल होने की सलाह दी। जबकि बेटी पहले ही उपनिरीक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी है, लेकिन पिता की सीख रही है कि किसी भी अवसर को छोटा नहीं समझना चाहिए। इसी कारण बेटी ने पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को भी गंभीरता से लिया और परीक्षा देने हाथरस पहुंची।