लंबी बीमारी के बाद बेटे की मौत हो गई। उसकी मां बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और तीन घंटे के अंदर उसकी भी मौत हो गई। मां और बेटे की चिताएं एक साथ जलीं, जिन्हें देखकर सभी की आंखें नम हो गईं।
हाथरस कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव अगसौली में बेटे की मौत के सदमे में तीन घंटे बाद मां ने दम तोड़ दिया। इस घटना से परिवार में गमगीन माहौल है। इधर, मां-बेटा दोनों के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना को लेकर पूरे दिन गांव में चर्चा रही।
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अगसौली निवासी आकाश कुमार ने बताया कि उनके ताऊ सूरजपाल (46) लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी 28 मार्च की सुबह करीब आठ बजे तबीयत बिगड़ गई। इस कारण उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि सूरजपाल की मौत के बाद परिवार के लोग बिलख रहे थे और ग्रामीण व परिजन शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे।
जैसे ही शव को लेकर घर से निकले तो इस दौरान मां शांति देवी (62) की सदमे से मौत हो गई। मां की मौत होते ही तत्काल परिजनों ने रास्ते में लोगों को इसकी सूचना दी। इसके बाद श्मशान घाट पर मां के लिए भी अलग चिता तैयार कराई गई। यहां मां-बेटे के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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घटना से परिवार में गम का माहौल है। आकाश ने बताया कि सूरजपाल के छोटे बेटे महेंद्र की कैंसर से करीब पांच वर्ष पहले मौत हो गई थी। सूरजपाल अपने पीछे चार बेटे और दो बेटियों को बिलखते हुए छोड़ गए हैं। एक बेटी और तीन बेटों की शादी हो चुकी है।