हाथरस के सरकारी अस्पताल में मां के शव को बांहों में लेकर खड़े बेटै की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसे देखकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं कर रहे हैं।
हाथरस जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर बेटा मां के शव को गोदी में लेकर वाहन का इंतजार करता रहा। लगभग 10 मिनट बाद परिजन ई-रिक्शा में शव लेकर घर गए। वृद्ध महिला सड़क हादसे में घायल हुई थीं, जिसके बाद रविवार की दोपहर घर पर ही उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
कोतवाली सदर क्षेत्र के गांव नगरिया के रहने वाले महेंद्र शनिवार को अपनी 80 वर्षीय मां कनक प्यारी को दवा दिलाने के लिए सादाबाद गए थे। रात करीब आठ बजे वे मां को लेकर वापस गांव लौट रहे थे। रास्ते में चंदपा कोतवाली के निकट अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों के चोट आई। परिजनों की मदद से दोनों जिला अस्पताल पहुंचे। उपचार के बाद महेंद्र व उनकी मां घर चले गए थे।
रविवार की दोपहर अचानक महेंद्र की मां बेहोश हो गई। वे उन्हें फिर से इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। स्ट्रेचर उपलब्ध न कराए जाने पर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठे। सीएमएस डॉ. सूयर्प्रकाश ने बताया कि परिवार शिकायत करता है तो मामले की जांच कराई जाएगी।