आंधी से गिरे बिजली के खंभे। संवाद
बीती रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया। तेज हवाओं के चलते जगह-जगह बिजली के पोल, ट्रांसफॉर्मर और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे 100 से अधिक गांव और मजरों में अंधेरा छा गया।
बिजली विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान मई क्षेत्र में हुआ है। विद्युत वितरण खंड चतुर्थ में करीब 150 बिजली के पोल गिर गए, जबकि 12 ट्रांसफॉर्मर भी धराशायी हो गए। इसके अलावा कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइनें टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई।
कुरसंडा, वेदई, गीगला, सीस्ता, मई और उघई फीडरों से जुड़े गांव इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। इन इलाकों में पूरी रात बिजली गुल रही, जबकि शनिवार को भी कई स्थानों पर आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
तूफान के बाद बिजली विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। विभागीय कर्मचारी दिन-रात लाइनों, पोलों और ट्रांसफॉर्मरों को दुरुस्त करने में जुटे हैं। धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। बिजली संकट के चलते ग्रामीणों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य दैनिक कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई गांवों में लोग पूरी रात अंधेरे में रहने को मजबूर रहे।
एक्सईएन अमित कुमार ने बताया कि तूफान से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्राथमिकता के आधार पर मुख्य लाइनों को ठीक कर आपूर्ति बहाल की जा रही है। जल्द ही सभी गांवों में बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।