सिस्टम से दुखी ग्राम प्रधान मोहारी रंजीत सिंह के इस्तीफे का मामला गर्माता जा रहा है। ग्राम प्रधान संगठन की पेशबंदी के बावजूद प्रशासन द्वारा गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिए जाने से लोगों में नाराजगी है। प्रधान रंजीत सिंह ने डीएम अमित कुमार सिंह को पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने त्यागपत्र के बाद भी जिला प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिलने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि उन्होंने गांव की समस्याओं का समाधान नहीं होने से कुपित होकर पांच दिसंबर को तहसील दिवस में जिलाधिकारी को अपना त्यागपत्र सौंपा था, ताकि गांव की जनता की समस्याओं को जिला स्तरीय अधिकारी खुद आकर सुनें और उनका समाधान कराएं। इसके बावजूद किसी भी जिला स्तरीय अधिकारी ने गांव की समस्याओं के बारे में कोई संज्ञान नहीं लिया है। इन हालात में ग्राम पंचायत के लोगों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए वह अपने आंदोलन को और आगे बढ़ाने के लिए मजबूर हो गए हैं।
प्रधान ने कहा कि 14 दिसंबर तक जिला स्तरीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत में आकर ग्रामीणों की समस्याओं का नहीं सुना और उनका जन आकांक्षाओं के अनुरूप समाधान नहीं किया तो वह आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी से आमरण अनशन पर बैठे जाने की अनुमति भी प्रदान करने की अपील की है। गौरतलब है कि ग्राम प्रधान संगठन ने भी प्रशासन को इस मसले पर कार्रवाई करने के लिए 11 दिसंबर तक की मोहलत दी है। इसके बाद संगठन जिला स्तरीय बैठक करके इस मुद्दे पर आगामी रणनीति तय करेगा।