बेटी की शादी का सामान लेने के लिए पांच लाख रुपये नकद लेकर जा रहे चार लोगों को हसायन पुलिस चौकी जरैरा पर सचल दल ने हिरासत में ले लिया। उनकी कार की डिग्गी में रखे सूटकेस में पांच लाख रुपये मिले थे। सूचना मिलने पर स्टेट्रिक मजिस्ट्रेट कोतवाली सिकंदराराऊ आ गये और नकद रुपये जमा कर दिए। इधर, पीड़ित ने अपने गांव से रुपये की निकासी का विवरण बैंक से मंगा कर दिखाया, लेकिन उसे रुपया वापस नहीं मिला। शाम तक वह जिला मुख्यालय पर भटकता रहा।
सहपऊ सादाबाद के गांव वीरनगर निवासी सतीश चंद्र पुत्र भर सिंह अपने तीन रिश्तेदारों के साथ अलीगढ़ के अकराबाद ब्लॉक के गांव गोपी जा रहे थे। गोपी में उन्हें अपनी पुत्री की शादी के लिए रिश्तेदारों की पसंद का समान खरीदना था। इसलिए वे पांच लाख रुपया कार में रखे बैग में ले जा रहे थे। हसायन की जरैरा चौकी पर सचल दल के मजिस्ट्रेट डॉ. हिमांशु राय ने कार की जांच कर पांच लाख रुपये जब्त कर लिए।
सतीश ने उन्हें बताया भी बेटी की शादी का सामान खरीदने जा रहे हैं, लेकिन उनके पास पांच लाख रुपये का प्रमाण नहीं था कि इतना रुपया कहां से आया। सभी को कार सहित सिकंदराराऊ कोतवाली लाया गया। रुपया कोतवाली में जमा करा लिया गया। इतनी देर में सतीश ने बैंक से रुपये की निकासी का विवरण मंगा लिया तथा कोतवाली में दिखाया। लेकिन कोतवाली पुलिस ने हाथ खड़े कर दिये तथा कह दिया कि अब नियमानुसार जिला प्रशासन के आदेश पर ही रुपया मिल पाएगा। सतीश चंद्र शाम तक रुपयों के लिए परेशान घूमते रहे।
जिस व्यक्ति की धनराशि जब्त की गई है, उन्हें इस धनराशि को लेने के लिए कमेटी के समक्ष अपील करनी होगी। अपील में यह पैसे राजनैतिक प्रयोग में नहीं आ रहे हैं, यह सिद्ध होने की स्थिति में धनराशि को मुक्त किया जाएगा।
शिवनारायण शर्मा ,एडीएम न्यायिक।
50 हजार से अधिक धनराशि पर दिखाना होंगे कागज
50 हजार रुपये से अधिक नकदी पाए जाने पर स्रोत और साक्ष्य दिखाने होंगे। 10 हजार रुपये से अधिक कीमत का गिफ्ट, गैरकानूनी वस्तु, पोस्टर, पंपलेट पाए जाने पर जब्त किया जाएगा। अगर 50 हजार रुपये से अधिक नकदी लेकर जा रहे हैं, तो साथ में बैंक निकासी की रसीद, एटीएम निकासी की रसीद, अन्य स्रोत, जिससे धनराशि प्राप्त हुई है। वह भी साथ में रखना होगा।