हाथरस। तीन मार्च को एमएलसी चुनाव में मतदान कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला प्रशासन भले ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के दावे करे, लेकिन इन दावों में कोई सच्चाई नजर नहीं आ रही है। सभी प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं को अपने कब्जे में कर लिया है और उन्हें अज्ञात ठिकानों पर पहुंचा दिया है। पिछले कई दिनों से यह मतदाता अपने परिवार और गांवों से दूर हैं। उनके परिजनों को रह-रहकर उनकी हिफाजत की चिंता सता रही है। वह प्रत्याशियों से उन्हें छोड़ने की गुहार भी लगा रहे हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा। यहां तक कि जिले की पुलिस ने भी राजनीति के इस गंदे खेल के आगे घुटने टेक दिए हैं और सदस्यों के परिजनों की सुनवाई तक नहीं हो रही। उल्टे पुलिस उन्हें यह दिलासा देकर लौटा रही है कि मतदान के बाद उनके परिवार के यह सदस्य सकुशल घर लौट आएंगे। कुल मिलाकर सदस्यों की धर-पकड़ का पूरा खेल पुलिस और प्रशासन की सरपरस्ती में चल रहा है, जिससे प्रत्याशियों और उनके एजेंटों का हौसला सातवें आसमान पर है। सदस्यों की धरपकड़ के खेल ने चुनाव की पवित्रता को तो पहले ही तार-तार कर दिया है। अब ऐसे में जिला-प्रशासन और पुलिस अफसर निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने का उलाहना देकर किसे बेवकूफ बना रहे हैं। जानकारों की मानें तो क्रॉस वोटिंग कराना आसान नहीं होगा।
डीएम, एसपी ने देखे मतदान केंद्रहाथरस। जिला प्रशासन ने मतदान की तैयारियां शुरू करा दी हैं। जिले में कुल आठ मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर मतदान के लिए बेरीकेटिंग कराई जा रही है और सुरक्षा इंतजामों का खाका भी तैयार किया जा रहा है। सभी केंद्र सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे। डीएम शमीम अहमद और एसपी अजयपाल ने भी इन मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान की तैयारियों का जायजा लिया और सुरक्षा इंतजामों का खाका तैयार कराया।