तीन महीने से लापता अनुज शनिवार की शाम को बरसाना में संन्यासी वेश में मिला। उसने सिर मुंडवा लिया था और संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों वाली वेशभूषा में रह रहा था। सफेद वस्त्र व तुलसी की बड़ी-बड़ी मालाएं व तिलक धारण कर रखा था।
गौरतलब है कि सादाबाद के गांव खेड़ा बरामई निवासी अनुज चौधरी (17) तीन जुलाई को घर से संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की कहकर वृंदावन गया था, जिसके बाद से वह लौटा नहीं। 26 जून को उसने आश्रम से दीक्षा ली थी और सोशल मीडिया से नए जीवन की शुरुआत करने के बारे में बताया था।
अनुज के लापता होने के बाद परिजनों ने सादाबाद कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद वृंदावन में उसकी तलाश शुरू की। दादी मुन्नी देवी ने बताया कि वे तब से अपने मायके पानीगांव (वृंदावन) में रह रही थीं। शनिवार को भी वे आश्रम पहुंची। इसके अलावा राधावल्लभ मंदिर, जुगल घाट, लाड़ली वन, सोवरी वन, बेलवन आदि जगहों पर तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
वृंदावन में गुरु कृपा कुंज में एक शिष्य की मौत के बाद से परिजन और घबरा गए थे। इस कारण शुक्रवार को उसे खोजने के लिए राधा केली कुंज के बाहर धरने पर बैठ गए थे। सीओ वृंदावन में तीन दिन में किशोर को खोजने का आश्वासन दिया था। परिजनों ने शनिवार को भी अनुज को खोजने का प्रयास किया।
जितेंद्र ने बताया कि शनिवार शाम को बरसाना पुलिस का फोन आया कि अनुज मिल गया है। जब वे थाने पहुंचे तो वह संन्यासी वेशभूषा में था। पुलिस ने अनुज से बात नहीं करने दी। रात सादाबाद पुलिस अनुज को लाने के लिए बरसाना रवाना हो गई थी। इधर, अनुज से मिलने के लिए बेचैन माता-पिता व दादी भी रात ही बरसाना पहुंच गए।