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दुग्ध उत्पादक-चिलिंग प्लांट मालिकों की हड़ताल जारी 

Fri, 15 Dec 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
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देश की दूध प्रोडक्ट उत्पादक बड़ी कंपनियों द्वारा दूध के दामों में पिछले छह माह में प्रति लीटर करीब 20 रुपये की कमी किए जाने के कारण पिछले चार दिनों से दुग्ध उत्पादकों एवं व्यवसायियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। शुक्रवार को भी यह हड़ताल जारी रही। हड़ताल के दौरान भी कई दुग्ध व्यवसायियों ने अपना कारोबार चोरी छिपे किया। 
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इस संबंध में शुक्रवार को मथुरा रोड स्थित ओम आइस एंड चिलिंग प्लांट परिसर में क्षेत्र के दुग्ध व्यवसायियों की बैठक हुई। बैठक में हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति तय की गई। बैठक में कुछ दुग्ध व्यवसायियों द्वारा चोरी-छिपे दूध खरीदने और वितरण करने पर आक्रोश जाहिर किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार दुग्ध उत्पादकों एवं दुग्ध व्यवसायियों की मांगों की तरफ ध्यान देकर उनका समाधान नहीं करती, तब तक यह बेमियादी हड़ताल जारी रहेगी।

लेनिन डेयरी फार्म के निदेशक एवं पूर्व विधायक प्रताप चौधरी ने कहा कि क्षेत्र एवं आसपास के जनपदों में कुछ बड़े व छोटे दुग्ध व्यवसायी चोरी-छिपे अभी भी कारोबार कर रहे हैं, उन सभी से आह्वान है कि वह सभी हड़ताल में अपना योगदान करें और दूध की खरीद फरोख्त को तत्काल बंद करें। उन्होंने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे कारोबारियों को पहले समझाने का प्रयास किया जा रहा है तथा जो लोग हड़ताल के विरुद्ध होकर काम कर रहे हैं उसे रोकने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जो रात एवं दिन में भ्रमण करेंगी और उन्हें समझाने का काम करेंगी।
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ओम आइस एंड चिलिंग प्लांट के निदेशक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू ने बताया कि पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी किए जाने के बाद से ही दूध उद्योग एवं दूध उत्पादकों पर संकट मड़राने लगा था। रही-सही कसर एक जुलाई से पूरे देश व प्रदेश में लागू हुई जीएसटी ने पूरी कर दी है, क्योंकि जीएसटी लागू होने से पहले घी पर केवल 2 फीसदी वैट था और जीएसटी लागू होने के बाद घी पर 12 फीसदी जीएसटी तथा ढाई फीसदी मंडी शुल्क लगा दिया गया है।

इसके अलावा मिल्क पाउडर पर पांच प्रतिशत जीएसटी है। इन तीनों टैक्सों को मिलाकर दूध के मूल्य पर पांच से लेकर 6 रुपये प्रति लीटर का टैक्स बनता है। यह टैक्स दूध उत्पाद खरीदने वाले उपभोक्ताओं से वसूला जाना चाहिए, लेकिन यह टैक्स दुग्ध उत्पादकों पर लगाया गया है, जिसके कारण दूध उत्पादकों की स्थिति अब भुखमरी के कगार पर पहुंच गई है और मजबूरन दूध उत्पादकों को हड़ताल के लिए बाध्य होना पडा है। हड़ताल के क्रम में ही गुरूवार की रात साढ़े 9 बजे एक डेयरी का दूध जा रहा था जिसे हड़ताल में शामिल लोगों ने गाड़ी को आगरा चुंगी पर रोककर केनों मे भरे दूध को फैलाया था।

बैठक में चिलर प्लांट स्वामी केशव चौधरी, राजीव पाराशर, पिंटू शर्मा, सुरेशचंद्र उर्फ सीओ साहब के अलावा दुग्ध व्यवसायी निसार अली प्रधान, वीरबहादुर सिंह, ओमवीर चौधरी, अशोक कुमार, मुकेश, रामू शर्मा, रेशमपाल, कुमरपाल, कारे सिंह, रामवीर सिंह, रिंकू चौधरी, चंदन शर्मा, रवि चौधरी, सौदान सिंह, सुरेश मल्ल, राधाचरण, अजय, पवन सिसौदिया, सलीम, नेमसिंह, पसरभ सिंह, हरेन्द्र, संतोष कुमार, पप्पू, संजय , प्रहलाद सिंह, रवि, विक्रम सिंह, अरुण कुमार, हरिओम, सुरेश, शिवकुमार आदि थे। 
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