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काश, घर वापसी का लिंक पहले शुरू हो जाता

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मॉनिटरिंग करते अधिकारी। - फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी
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हाथरस। कोरोना महामारी में लॉकडाउन में अन्य प्रांतों और जिलों में फंसे लोगों के लिए हाथरस एनआईसी की वेबसाइट पर की गई डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार की वरदान साबित हुई है। काफी प्रयासों के बाद मायूस हुए लोगों को अपने घरों पर वापस आने में काफी राहत मिली है। लोगों की मानें तो वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के बाद यहां प्रशासन स्तर से तत्काल कार्यवाही शुरू कर दी गई है। अब तक वेबसाइट पर 1,450 लोगों ने जिले में वापस आने लिए पंजीकरण कराए हैं। अब तक विभिन्न माध्यमों से 350 से अधिक लोग जिले में वापस आ चुके हैं।
शासन स्तर से अन्य प्रांतों और जिलों में फंसे लोगों को वापस लाने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद प्रशासन ने जिले में फंसे और जिले के अन्य जनपदों व प्रांतों में फंसे लोगों को वापस लाने के लिए की कार्यवाही शुरू कर दी है। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने एक अलग पहल कर हाथरस एनआईसी की वेबसाइट पर एक लिंक शुरू कराया। इस लिंक में अन्य जनपदों व प्रांतों में फंसे लोगों से रजिस्ट्रेशन करने व किस साधन से आने के इच्छुक हैं, इसका पूरा ब्योरा मांगा गया था। इस लिंक पर एक साथ रजिस्ट्रेशन की रफ्तार में तेजी आई। अब तक इस वेबसाइट पर 1450 लोगों के पंजीकरण हो चुके हैं। तेलगांना सरकार को यहां के फंसे हुए लोगों को भेजने के लिए पत्र भी जारी कर दिया गया है। तमिलनाडु से लोग अपने साधनों जिले में आने के लिए निकल चुके हैं। डीएम के निर्देश पर डीआईओ एनआईसी आलोक माहेश्वरी द्वारा इस लिंक की मॉनीटरिंग की जा रही है। रजिस्ट्रेशन मिलते ही यहां से फंसे लोगों को दिए गए नंबर पर कॉल की जाती है। इसके बाद पास जारी कर व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से फंसे लोगों तक पास पहुंचाए जाते हैं।
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मेरे माता-पिता व मेरी बहन पश्चिम बंगाल में गए थे। लॉकडाउन के कारण वो वहां फंस गए थे। हमारे द्वारा उन्हें वापस लाने के लिए काफी प्रयास किए गए थे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई थी। हाथरस एनआईसी की वेबसाइट पर पंजीकरण किया तो तुरंत वहां से कॉल आई और पास जारी कर दिया गया। इससे हमारा परिवार वापस आ सका।
-उपासना सिंह, हाथरस
मैं दिल्ली में एयरलाइंस में जॉब करती थी। लॉकडाउन के दौरान में हाथरस आ गई थी। अब मुझे दिल्ली जाना था, क्योंकि अब एयरलाइंस शुरू हो रही है। मेरे द्वारा पहले कोविड-19 की वेबसाइट पर पंजीकरण किया गया था, लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हो पाया। हाथरस एनआईसी की वेबसाइट की मुझे जानकारी मिली। मेरे द्वारा पंजीकरण किया गया और मुझे दिल्ली जाने की अनुमिति मिल गई।
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-भावना सिंह पौरुष , नवल नगर
लॉकडाउन के कारण सभी कंपनियां बंद हो गई थीं। मैं अपने परिवार के साथ वहां गुड़गांव में फंसा हुआ था। वहां से यहां आने के लिए मैंने दो बार पंजीकरण दिशा पोर्टल पर किया गया था, लेकिन हमें पास नहीं मिल सका। एनआईसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करते ही तुरंत कॉल आ गई और पास व्हाटूसएप पर मिल गया तो हम बाइक से ही वापस लौट आए।
-लाखन सिंह, मुरसान
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