सिकंदराराऊ में महिला की हत्या का खुलासा न होने पर जीटी रोड पर जाम लगाकर बैठे कारोबारी।
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रेनू हत्याकांड प्रकरण में व्यापारियों का गुस्सा 24 घंटे बाद जाम के रूप में सड़क पर उस समय आ गया जब पुलिस मामले में पूरी तरह खाली रही। ढाई घंटे तक व्यापारियों ने बस स्टेंड पर चक्का जाम कर दिया। एडिशनल एसपी ने आश्वासन दिया कि 72 घंटे में पुलिस मामले को खोजने में असमर्थ रही तो एसओ को हटा दिया जायेगा। मृतक महिला के जेठ एवं व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय ने कह दिया कि व्यापारी 48 घंटे तक प्रतीक्षा करेंगे इसके बाद एसओ को सस्पेंड न किया गया तो व्यापारी धरना प्रदर्शन को बाध्य हो होंगे।
बता दें कि दोपहर के बाद व्यापारियों में गुस्से की लहर दौड़ गई कि पुलिस को पूरा सहयोग देने के दो दिन बाद भी कोई गिरफ्तार नहीं हुई। इसके बाद व्यापारी बस स्टेंड पर आ गए तथा सड़क पर अवरोध लगाकर चक्का जाम कर दिया। जाम लगते ही पुलिस विभाग में खलबली मच गई तथा बस स्टेंड पर एडिशनल एसपी, सीओ राकेश वशिष्ठ, एसडीएम केहरी सिंह, तहसीलदार राजेश राय तथा कई थानों की पुलिस आ गई। इधर जाम पर डटे व्यापारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कई बार व्यापारी नेताओं से पुलिस अधिकारियों की नोक-झोंक हुई। कस्बा चौकी प्रभारी हेमंत राघव को हटा कर उसके स्थान पर पहले कस्बा प्रभारी रहे विपिन यादव को पुन: कसबा प्रभारी बना दिया गया। व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय का कहना था कि एसओ जगदीश चंद्र पूरी तरह मामले में नाकारा साबित हुए हैं उन्हें सस्पेंड किया जाए। कई बार उत्तेजना के चलते माहौल बिगड़ता नजर आया।
अंत में एडिशनल एसपी ने एसपी घुले शुसीलचंद्र से बात कर जाम स्थल पर आकर कहा कि अगर पुलिस 72 घंटे में मामले को नहीं खोल पाती है तो एसओ को हटा दिया जाएगा। इधर व्यापारी नेता एसओ को सस्पेंड कराने से पहले जाम स्थल न हटने की चेतावनी दे रहे थे। अंत में उन्होंने ऐलान कर दिया कि व्यापार मंडल तथा नगर के लोग 48 घंटे तक प्रतीक्षा करेंगे। इस दौरान केस नहीं खुला तथा एसओ को सस्पेंड नहंीं किया गया तो पुन: आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद ढाई घंटे बाद जाम खोल दिया गया।