पीएम के भाषण में जिक्र आने के बाद सुर्खियों में आए सासनी के गांव नगला फतेला के विद्युतीकरण पर केंद्रीय ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) की सख्ती ने असर दिखाया। गौरतलब है कि आरईसी ने नगला फतेला के ऊर्जीकरण की गलत रिपोर्ट देने पर डीवीवीएनएल को कठघरे में खड़ा किया है।
‘अमर उजाला’ में आरईसी के नोटिस की खबर छपने के बाद दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) के एमडी सत्यवीर सिंह राठौर को भी आखिरकार इस चर्चित गांव में विद्युतीकरण की हकीकत देखने आना पड़ा। उन्होंने नगला फतेला और उसके माजरा नगला जहरू का मुआयना किया।
दोनों गांवों में हुए विद्युतीकरण को बारीकी से देखा। ग्रामीणों से भी इसके बारे में तस्दीक की। हालांकि उन्होंने ग्रामीणों के बीच ज्यादा समय नहीं दिया। ग्रामीण भी एमडी के दौरे की खानापूरी से खफा दिखे।
हालांकि एमडी गांव में ज्यादा देर नहीं रुके। गांव पहुंचने के साथ ही विद्युत लाइनों का निरीक्षण कर निकल गए। एमडी के मुआयने से बिजली अधिकारियों में खलबली मची रही। पूरा अमला उनके पहुंचने से पहले ही नगला फतेला पहुंच गया था और ग्रामीणों की शिकायतें सुनने में जुट गया था।
गौरतलब है कि नगला फतेला के विद्युतीकरण में भी ग्रामीण खामियाें की शिकायत कर चुके हैं। लिहाजा जिले के बिजली अफसरों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सभी खामियां दूर कराई जाएंगी। एजेंसी को सख्ती से निर्देशित कर दिया गया है।