हाथरस। मथुरा जवाहर बाग घटना में पुलिस अधिकारी शहीद होने से हाथरस में भी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में रोष बना हुआ है। कांग्रेस, भाजयुमो ने शहर में अलग-अलग स्थानों पर मुख्यमंत्री और सपा सरकार का पुतला फूंका। जमकर नारेबाजी की। अखिल भारतीय युवा वैश्य एकता परिषद ने कैंडल मार्च निकाल कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मथुरा प्रकरण की हाथरस में भी चर्चाएं जारी हैं।
कांग्रेसियों ने फूंका प्रदेश सरकार का पुतला
हाथरस। मथुरा जवाहर बाग प्रकरण को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी ने आगरा रोड पर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों ने प्रदेश की सपा सरकार का पुतला भी फूंका। वक्ताओं ने कहा कि सपा सरकार की नाकामी के चलते ही इस प्रकरण में एसपी सिटी और एसओ शहीद हो गए। कांग्रेस शहराध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि सपा सरकार में जंगलराज कायम है। पुलिस सुरक्षित नहीं है तो आम जनता कैसे सुरक्षित रह सकती है। शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को 20 लाख मुआवजा देकर अन्याय किया जा रहा है। एक करोड़ रुपये आर्थिक सहयोग और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। राष्ट्रपति प्रदेश की सपा सरकार को तुरंत बर्खास्त करें। पुतला दहन करने वालों में एनपी पिप्पल, छीतरमल शर्मा, जितेंद्र शर्मा, पन्ना लाल, मुन्ना लाल शर्मा, चंद्रपकाश पुलंद, कृपेंद्र सिंह, अविनाश पचौरी, अमृत सिंह पौनिया, नवल नरूला, अनुज संत, धर्म प्रकाश, उदय सिंह, अवधेश, संजय वाल्मीकि, नितिन कुमार, भूरा पंडित, कपिल नरूला, संतोष पंडित, भगवान शर्मा आदि थे।
भाजयुमो ने भी फूंका सीएम का पुतला
हाथरस। भाजयुमो ने बागमूला चौराहे पर मथुरा प्रकरण में सपा सरकार की निष्क्रि यता के चलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार तुष्टिकरण की नीति पर काम कर रही है। विशेष समुदाय के व्यक्ति की मौत पर होने पर उसे 50 लाख मुआवजा, दो सरकारी नौकरी और फ्लैट दिए जाते हैं, लेकिन पुलिस अधिकारियों के शहीद होने पर उन्हें 20 लाख मुआवजा दिया जा रहा है। जवाहर बाग प्रकरण में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों को एक-एक करोड़ आर्थिक सहायता दी जाए। जिला महामंत्री चौ. चंद्रवीर सिंह ने कहा कि मंत्री शिवपाल यादव का यदि रामवृक्ष यादव को संरक्षण नहीं होता जवाहर बाग पहले ही खाली हो जाता। भाजयुमो ने इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की। पुतला दहन करने वालों में सुनील गौतम, विवेक गुप्ता, विशाल पाराशर, शैलेंद्र वर्मा, विवेक वार्ष्णेय, देवेंद्र पाल सिंह, बृजकिशोर शर्मा, कपिल दीक्षित, दीपक अग्निहोत्री, प्रफुल्ल वार्ष्णेय, सौरभ, जतिन पाराशर, जुबेर कुरैशी, दीपक सिंह, चेतन सिंह, रिषी चौधरी, वीरपाल सिंह आदि शामिल थे।
कैंडल मार्च निकाल शहीदों को दी श्रद्धांजलि
हाथरस। अखिल भारतीय युवा वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अंकुर मित्तल और प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नेतृत्व में जवाहर बाग प्रकरण में शहीद हुए एसपी सिटी और एसओ फरह को श्रद्धांजलि देने के लिए शहर में कैंडल मार्च निकाला गया।
घंटाघर चौराहे पर दो मिनट का मौन धारण कर मृत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। कैंडल मार्च में ललतेश गुप्ता, विशाल गुप्ता, विवेक वार्ष्णेय, बीना गुप्ता, प्रफुल्ल वार्ष्णेय, सौरभ वार्ष्णेय, नितिन वार्ष्णेय, अक्षय अग्रवाल, विश्वेंद्र वार्ष्णेय, हरिमोहन वार्ष्णेय, कुनाल बागला, जितेंद्र वार्ष्णेय, ललित, धर्मेंद्र अग्रवाल, आदर्श माहेश्वरी, जीतेश तायल आदि शामिल थे।
हिंदू जागरण मंच ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि
हाथरस। हिंदू जागरण मंच की पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सुभाष वाचनालय पर बैठक हुई। बैठक में मथुरा के जवाहर बाग प्रकरण में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों की आत्म शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई। प्रदेश मंत्री अभिषेक रंजन आर्य ने कहा कि इस घटना के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव को सपा सरकार के मंत्रियों का संरक्षण प्राप्त था। श्रद्धांजलि देने वालों में मनोज उपाध्याय, सुनील शर्मा, सुदर्शन शर्मा, आशा ठाकुर, विनीता कुलश्रेष्ठ, सुनीता वर्मा, सरिता बघेल, नरेंद्र प्रेमी, रमन बिहारी शर्मा, अनिल पंडित, दुर्गेश वार्ष्णेय, राधेलाल शर्मा, अंकुर राजौरिया, विनोद दिवाकर आदि शामिल थे।
शोक संवेदना व्यक्त की
हाथरस। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की शोक सभा हुई जिसमें जवाहर बाग प्रकरण में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। शोक व्यक्त करने वालों में जिलाध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी, डॉ. सोहन लाल, राजेश कुमार, रामस्वरूप, पातीराम, नानक चंद्र, रमेश चंद्र, कालीचरन, रामचरन आदि शामिल थे।
थाना दिवसों पर रहा मथुरा कांड का साया
हाथरस। जिले में लगे थाना दिवसों पर भी मथुरा के जवाहर बाग कांड का साया रहा। दो पुलिस अधिकारियों की शहादत से हिला जिले का पुलिसिया अमला शनिवार को भी गमजदां नजर आया। नतीजा, थाना दिवसों के नाम पर भी ज्यादातर जगहों पर औपचारिकता ही पूरी की गई। यही नहीं जिले की पुलिस पिछले दो दिन से आपराधिक घटनाओं के खुलासे में भी सुस्त है। पुलिस अधिकारी इस वीभत्स कांड के सदमे से उबर नहीं पा रहे। चूंकि मथुरा में शहीद हुए दोनों पुलिस अधिकारी इस जिले में ही तैनात रहे हैं। लिहाजा यहां के पुलिस अधिकारी व कर्मियों को रह-रहकर यही अफसोस हो रहा है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है। अगर पुलिस अफसरों पर ही इतनी बर्बरता से हमले होंगे तो जवानों का क्या होगा।
विद्रोहियों के घुसने की आशंका पर अलर्ट
हाथरस। मथुरा के जवाहर बाग में पुलिस से मुठभेड़ के बाद वहां से भागे विद्रोहियों के जिले में घुसने की आशंका पर पुलिस-प्रशासन ने शुक्रवार को भी पूरी सतर्कता बरती। जगह-जगह चेकिंग की गई। खासकर मथुरा जिले से लगी सादाबाद की बल्देव और मुरसान से लगी सोनई सीमा पर पुलिस ने बैरियर लगाकर जिले में दाखिल होने वाले वाहनों और संदिग्ध लोगों की चेकिंग का अभियान चलाया। अलीगढ़ रोड पर भी महिला पुलिस के साथ वाहनों की सघन चेकिंग का अभियान चलाया गया, जिससे वाहन चालकों में खलबली मची रही। अलीगढ़ रोड पर वाहन चालकों की पुलिस कर्मियों से नोक-झोंक तक हो गई।