लाखों का नुकसान, आजीविका पर संकट
फैक्टरी संचालक के मुताबिक इस अग्निकांड में करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। तैयार माल के साथ-साथ मशीनरी और कच्चे माल के नष्ट हो जाने से फैक्टरी का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे न केवल संचालक बल्कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।
फैक्टरी में जन्माष्टमी के पर्व की चल रही थी तैयारियां
इस साल के जन्माष्टमी के पर्व को लेकर अभी से तैयारी की जा रही थी। राधाकृष्ण की तस्वीर और प्रतिमाएं बनाने का काम किया जा रहा था। बाहर से मिले आर्डर के अनुसार फैक्टरी में काफी माल तैयार भी किया जा चुका था और काफी माल तैयार होने की स्थिति में था, लेकिन आग ने सबकुछ तबाह कर दिया। आग लगने के दौरान फैक्टरी बंद थी। यदि फैक्टरी खुला होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फैक्टरी मालिक नीरज ने बताया कि आग लगने के बाद उन्होंने अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन फोन करने के बाद भी मौके पर दमकल करीब एक घंटे बाद पहुंची। हालांकि फिर बाद में दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
फैक्टरी पर नहीं थी फायर एनओसी
लगभग एक साल से संचालित फैक्टरी पर फायर एनओसी नहीं थी। न ही यहां कोई अग्निशमन यंत्र लगा हुआ था। सीएफओ आरके वाजपेयी ने बताया कि इस संबंध में छानबीन की जा रही है।