हाथरस। पैगंबर मुहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाईश ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार जोश-ओ-खरोश के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहरभर की मजिस्दों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। सुबह कुरान की तिलावत के दीनी जलसे शुरू हुए।
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर गुरुवार को मस्जिद किला गेट, मस्जिद गौसियान, मस्जिद मदीना, जामा मस्जिद, मस्जिद तौहिब सहित कई अन्य मस्जिदों पर रोशनी की गई और कुरान की तिलावत हुई।
आल इंडिया शेख जमीअतुल अब्बास कमेटी के सदर डॉ. रहीस अहमद अब्बासी ने बताया कि इसी दिन अल्लाह के नबी हरजत मुहम्मद साहब की यौमे पैदाइश चांद की 12 तारीख को अल्लाह के प्यारे नबी तशरीफ लाए थे। उन्हीं की याद में मुस्लिम समाज खुशियां मनाता है।
उन्हाेंने बताया कि शहर में जुलूस-ए-मुहम्मदी 27 दिसंबर को निकाला जाएगा। यह जुलूस किला गेट से सुबह नौ बजे हर साल की तरह इस साल भी परंपरागत रूप से निकाला जाएगा।
सासनी। ईद मिलादुन्नबी का त्योहार हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। जलूस-ए-मुहम्मदी में ऊंट, घोड़ों पर सवार बच्चे भी सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे थे। मोहल्ला कस्सावान स्थित नूरी मस्जिद से बैंडबाजों के साथ रवाना हुआ जलूस-ए-मुहम्मदी दरगाह हसन शाह बिलाली पर पहुंच कर संपन्न हुआ।
नूरी मस्जिद के इमाम मुजाहिर रजा ने कहा कि मोहम्मद साहब यह पैगाम लेकर आए थे कि मानवता दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है। दिलशाद बिलाली, मुकीम, शमशाद ,तसलीम, जमील, रफाकत, नाजिम अहमद, इरफान खां, टीकाराम निराला, हाफिज रिजवान, फिरदौस आदि का सहयोग रहा।