हाथरस। प्रभु यीशु के जन्म लेने के बाद बुधवार को पूरे शहर में मैरी क्रिसमस की धूूम रही। लोगों ने जोश व उत्साह के साथ पर्व को मनाया। लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर और हाथ मिलाकर मैरी क्रिसमस कहा। संतरगी रोशनी, गुब्बारों और स्टार बैल आदि से चर्चाें को सजाया गया। सतरंगी रोशनी में नहाए चर्च देर रात तक यीशु की महिमा के गुणगान से गूंजते रहे।
अलीगढ़ रोड स्थित सेंट मार्क्स चर्च में क्रिसमस के मौके पर क्रिसमस की आराधना चर्च के वरिष्ठ पादरी दिनेश कुमार सहाय द्वारा की गई। पादरी दिलीप चंद्रा ने गीतों व आगे की आराधना का संचालन किया। पादरी दिनेश सहाय ने प्रभु यीशु के जन्म के संदेश में बताया कि प्रभु यीशु का जन्म समस्त मानव जाति के उद्धार के लिए हुआ था। इनके नाम का अर्थ ही संसार को बचाने वाला है।
प्रभु यीशु ने इस धरती पर जन्म इसलिए लिया ताकि प्रत्येक मनुष्य को पाप और बुराई के जीवन से बचाया जा सके। प्रार्थना सभा में समस्त मसीही समुदाय के लोगों ने सहभागिता की। आराधना के पश्चात प्रीतिभोज का आयोजन किया गया, इसमेें लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
चर्च में लोगाें ने प्रभु यीशु से मन्नतें मांगी। इसके अलावा सेंट फ्रंासिस स्कूल के चर्च में भी प्रभु यीशु की आराधना की गई। गीत संगीत के माध्यम से प्रभु यीशु का गुणगान किया गया। डा. फादर रॉबर्ट वर्गीस ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह निर्धनों, गरीबों व कुजले छुओं के लिए पैदा हुए थे। प्रभु यीशु का जन्म मानव जाति के उद्धार का प्रतीक है।