मुरसान थाना क्षेत्र के गांव नगला अनी में एक 28 वर्षीय विवाहिता की आग से जलकर मौत हो गई। ससुराली गंभीर हालत में विवाहिता को अस्पताल ले गए। अस्पताल में मौत के बाद ससुरालियों ने आनन-फानन में विवाहिता के शव को जला दिया।
शव जलाने की सूचना पर काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने ममता की अधजले शव के अवशेष और हड्डियों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने पति समेत तीन लोगों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न और आत्म हत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
चरन सिंह पुत्र मानिक चंद निवासी टीकरी कला, सिकंदराराऊ ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाए है कि उसकी चचेरी बहन की शादी आठ साल पहले नगला अनी के नीरज पुत्र केदारी लाल से हुई थी। दहेज की मांग के कारण पति से ममता की लगातार अनबन रहती थी। ममता के मां-बाप की कई साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है। ममता की शिकायत पर उसके चाचा मानिक चंद ही ससुराल आकर पंचायत करते थे। हर बार उन्हें अच्छे व्यवहार का भरोसा दिलाया जाता था।
चरन सिंह के मुताबिक ससुरालियों से तंग आकर ममता ने खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेल लिया। जब वह 90 फीसदी से ज्यादा जल गई तब परिजन उसे एक निजी अस्पताल में ले गए। चरन सिंह का आरोप है कि ममता को जलाए जाने की सूचना पर वह अस्पताल में पहुंच गए थे। वहां ससुरालियों ने उन्हें गुमराह कर दिया। आगरा ले जाने की बात कहकर वह ममता के शव को नगला अनी ले आए और झाड़ियाें में मिट्टी का तेल डालकर शव को फूंक दिया।
चरन सिंह के मुताबिक शाम चार बजे पुलिस को इस बारे में पता चला तब जाकर शव के कुछ अवशेष और हड्डियां बरामद की गईं। आरोपी गांव से फरार हैं। एसओ एमएस भाटी का कहना है कि चचेरे भाई की शिकायत पर पति नीरज, ससुर केदारी और सास विमला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। ममता की अधजली खोपड़ी और कुछ हड्डियों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। इन्हें जांच के लिए फोरेन्सिक लैब भेजा जाएगा।