जिले में डस्टबिन खरीद का मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में नवीन तैनाती वाले कई अधिकारी कार्रवाई की जद में आने लग गए हैं। इसे लेकर अधिकारी व फर्म संचालक भी परेशान हैं।
जांच अधिकारी द्वारा जल्द ही इस मामले की जांच रिपोर्ट डीएम डॉ. रमा शंकर मौर्य को दे दी जाएगी। कुछ ब्लॉकों में जांच पड़ताल की जा रही है। हालांकि जांच प्रक्रिया शुरू होने के बाद ग्राम पंचायतों के संबंधित अधिकारियों ने डस्टबिन लगवाना बंद कर दिया था। फिलहाल इस जांच को लेकर संबंधित अधिकारी अपनी गर्दन बचाने में जुटे हुए है।
डस्टबिन खरीद में हुई वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत डीएम से की गई थी।
इस शिकायत में गंभीरता बरतते हुए डीएम ने तत्काल इस मामले की जांच के लिए पीडी चंद्र शेखर शुक्ला को नामित किया है। फिलहाल जांच अंतिम पायदान पर पहुंच गई है। इस जांच में कई अधिकारी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। वहीं जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई ग्राम पंचायतों में फर्म के द्वारा भेज दिए गए, लेकिन अब ग्राम पंचायतें इन डस्टबिनों को नहीं लगवा रही है। कुछ ग्राम पंचायतों ने डस्टबिनों के लगने के बाद भी भुगतान रोक दिया है, ताकि सही कीमत का भुगतान किया जा सके। डस्टबिन खरीद के खेल में अब कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है।