बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसीई एजुकेटर की भर्ती में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रेंडमाइजेशन सूची से छह पात्र अभ्यर्थियों के नाम हटाकर उनकी जगह बाहरी लोगों के नाम शामिल कर दिए गए। अब भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने के साथ आरोपी आउटसोर्सिंग फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है।
विभागीय जांच में काफी पहले ही साफ हो गया था कि नामित फर्म अनूप ग्लोबल मल्टीसर्विस ने रेंडमाइजेशन की सूची में भारी हेरफेर किया है। फर्म ने मुख्य सूची में शामिल छह पात्र अभ्यर्थियों के नामों को हटाकर उनकी जगह बैकडोर से अन्य पसंदीदा अभ्यर्थियों के नाम शामिल कर दिए गए।
इस गंभीर जालसाजी का पता लगने के बावजूद विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्रवाई करने के बजाय पत्रावली को दबाए रखा। जब मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया, तब जाकर विभाग की नींद टूटी। इस पूरे खेल से विभागीय जिला समन्वयकों के नाम भी जुड़ रहे हैं।
बेरोजगारों को न सूचना दी, न कॉल की
जिले में अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन एजुकेटर (ईसीसीई) के 80 पदों पर भर्ती के लिए करीब एक हजार बेरोजगार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। विभाग ने रेंडमाइजेशन के जरिये 240 आवेदकों को साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन के लिए शॉर्टलिस्ट किया था। इसके लिए 29 और 30 जून की तिथियां भी निर्धारित थीं, लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी इस भर्ती की अनियमितताएं सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। विभाग ने न तो परेशान अभ्यर्थियों को इसकी कोई सूचना दी और न ही उच्चाधिकारियों को समय पर अवगत कराया। दूर-दराज से आए अभ्यर्थी आज भी साक्षात्कार और सत्यापन के लिए कॉल या मैसेज का इंतजार ही करते रह गए।
क्या है ईसीसीई एजुकेटर का काम?
बता दें कि इन पदों पर चयनित होने वाले ईसीसीई एजुकेटरों का मुख्य कार्य बाल वाटिका संचालन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद करना और बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना होता है।
मामला बेहद गंभीर है। संबंधित फर्म अनूप ग्लोबल मल्टीसर्विस को नोटिस जारी कर दिया गया है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। इस धांधली के सामने आने के बाद मौजूदा भर्ती प्रक्रिया को रद्द किया जाएगा। जल्द ही पारदर्शी तरीके से नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
-रणवीर सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस