मंडी समिति के गेट पर एंट्री करते गार्ड। संवाद
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मंडी समिति में किसानों को कच्ची पर्ची थमाकर की जा रही अनियमितताओं पर संवाद न्यूज एजेंसी की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद मंडी प्रशासन जाग गया। धान व अन्य फसलों से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और वाहनों को रोककर उनकी एंट्री कराई गई और तौल के बाद किसानों को पक्की पर्ची सौंपी गई।
बुधवार सुबह मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थित धर्मकांटे पर सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए थे। सुबह करीब सात बजे संवाद न्यूज एजेंसी की टीम मौके पर पहुंची तो गांव रडावली (सासनी) निवासी किसान शीलू के धान से लदे ट्रैक्टर की तौल कराकर 55 क्विंटल की पक्की पर्ची जारी की गई। इसी तरह अमरपुर के बंटी को 56 क्विंटल और लोहर्रा के जोनी को 38 क्विंटल की पर्ची दी गई। सख्ती का आलम यह रहा कि सुबह नौ बजे तक ही 131 किसानों की आधिकारिक पर्चियां काटी जा चुकी थीं।
खाली ट्रॉलियों की भी हुई तौल
मंडी से माल खाली करके लौट रहे किसानों के खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का भी वजन कराया गया। इस प्रक्रिया के कारण किसानों को थोड़ा इंतज़ार जरूर करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इस पहल का स्वागत किया। किसानों का कहना था कि थोड़ा समय लगने के बावजूद पक्की पर्ची मिलने से उनकी फसल की तौल और बिक्री का पारदर्शी रिकॉर्ड रहेगा।
मंडी में फसल लेकर आने वाले प्रत्येक किसान को गेट पास और कांटे की पक्की पर्ची अनिवार्य रूप से दी जा रही है। इन दिनों मंडी में धान की बंपर आवक हो रही है और बुधवार को ही लगभग 20 से 22 हजार क्विंटल धान व अन्य फसलों की आवक दर्ज की गई है।
-अनिल कुमार, मंडी सचिव