हाथरस। मानव कल्याण सामाजिक संस्था की बैठक हुई, जिसमें केंद्र सरकार के प्रस्तावित जीएसटी प्रावधान पर चर्चा हुई। संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय ने कहा कि देश में लगभग बीस प्रकार के टैक्स वसूले जाते हैं। सबसे ज्यादा टैक्स पेट्रोल और डीजल पर 27 प्रतिशत है। अलग-अलग राज्यों में भिन्न भिन्न दरों से टैक्स वसूलने के कारण हर राज्य में एक वस्तु की अलग-अलग कीमत होती है, फिर भारत तो अलग-अलग टैक्स के दायरे के कारण बंट सा गया है। प्रवक्ता नरेंद्र वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी में 16 प्रतिशत की दर पर सहमत होती है तो 8-8 प्रतिशत राज्यों और केंद्र को मिलेगा और पूरे देश में वस्तुओं की कीमत एक जाएगी। पीएम मोदी का कहना है कि राज्य सरकारें इस विधेयक को लेकर संसद को चलने ही नहीं दे रहे हैं। यह देश के लिए शर्म की बात है। जीएसटी लागू होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। बैठक में रसिक बिहारी अग्रवाल, हर्षवर्धन उपाध्याय, प्रेम वार्ष्णेय, राकेश बल्लभ वशिष्ठ, राकेश वार्ष्णेय ने जीएसटी विधेयक का समर्थन किया।