14 जनवरी को रात्रि 8:45 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, ऐसे में मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही पड़ रही है। 15 जनवरी को सूर्योदय से प्रारंभ होकर सांय 5.46 बजे तक मकर संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा।
मकर संक्रांति को लेकर लोगों में संशय बना हुआ है, पर ज्योतिष के अनुसार सूर्य मकर राशि में 14 जनवरी रात 8.45 पर ही प्रवेश करेगा, पर पुण्यकाल 15 जनवरी को होगा। तभी से शुभ कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
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पंडित शैलेंद्र कृष्ण दीक्षित ने बताया कि सूर्य देव एक-एक कर 12 राशियों में प्रवेश करते हैं। सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति नाम से जाना जाता है। साथ ही जिस राशि में प्रवेश कर रहे है, उस राशि का नाम आगे जुड़ जाता है। 14 जनवरी को रात्रि 8:45 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, ऐसे में मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही पड़ रही है।
सांयकाल के बाद संक्रांति लगने पर पुण्यकाल अगले दिन रविवार को मध्यान 12:45 तक रहेगा। रविवार प्रात: सूर्योदय से प्रारंभ होकर सांय 5.46 बजे तक मकर संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा। महापुण्यकाल ब्रह्ममुहूर्त से प्रात: 9 बजे तक रहेगा। मकर संक्रांति 15 जनवरी रविवार को मनाई जाएगी।
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शुभ कार्य भी हो जाएंगे शुरू
सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो मकर संक्रांति होती है। सूर्य के उत्तरायण की स्थिति में पृथ्वी उत्तरी गोलार्ध की ओर गति करने लगती है, जिससे दिन बड़े और रात छोटी होने लगती हैं। इसके साथ ही सूर्य की रोशनी अधिक समय तक फसलों में रहती हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास की समाप्ति हो जाएगी और शुभ कार्य प्रारंभ हो जाएंगे।