इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इसको खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन किए गए स्नान, दान और तिल का सेवन अत्यंत पुण्यकारी बताया गया है।
मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। विद्वान सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन दान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। जब सभी ग्रहों के राजा सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह पर्व संक्रांति के रूप में मनाया जाता है।
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उन्होंने बताया कि इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इसको खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है। शास्त्रों में इस दिन किए गए स्नान, दान और तिल का सेवन अत्यंत पुण्यकारी बताया गया है। दान से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली बढ़ती है।
मकर संक्रांति पर दान की जाने वाली वस्तुएं
खिचड़ी : काली उड़द और चावल का दान करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है, धन-धान्य बढ़ता है।
गुड़ : गुड़ का दान करने से जन्मकुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, भाग्य वृद्धि होती है।
काले तिल : जल में काले तिल डालकर अर्घ्य देने से सूर्यदेव और शनिदेव दोनों प्रसन्न होते हैं।
गर्म वस्त्र : गरीब या जरूरतमंद को वस्त्र दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
घी : घी का दान करने से परिवार में आर्थिक उन्नति और खुशहाली आती है।