नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही से मुरसान गेट पर एक मासूम बच्ची की जान पर बन आई। अपने माता-पिता के साथ बौहरे वाली देवी मंदिर दर्शन को पहुंची छह साल की बच्ची मंदिर के गेट के पास खुले पड़े मेन हॉल में जा गिरी। बच्ची के शोर से कई लोग जमा हो गए।
तभी रास्ते से गुजर रही एक महिला ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी साड़ी उतारकर मेन हॉल में फेंक दी। बच्ची ने साड़ी पकड़ ली और महिला ने उसे ऊपर खींच लिया।
मोहन गंज निवासी मोहित गर्ग अपनी पत्नी और छह साल की बच्ची चैरी के साथ देर शाम बौहरे वाली देवी मंदिर पर दर्शन करने जा रहे थे। बिजली गुल होने से सड़क पर अंधेरा था।
चैरी अचानक खुले मेन हॉल में जा गिरी। बच्ची के मेन हॉल में गिरने से चीख पुकार मच गई। लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। मोहित गर्ग का कहना था कि खुले एक महिला ने आकर अपनी साड़ी उतारकर मेन हॉल में डालकर चैरी को बाहर निकाल लिया। अगर समय रहते बचाया नहीं जाता तो कोई भी अनहोनी घट सकती थी।
परिजन उस महिला को ढूंढ रहे हैं, जिसने चैरी की जान बचाई। वहीं स्थानीय लोगों का कहना था कि खुले मेन हॉल के कारण यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। पालिका प्रशासन और ठेकेदार ने सड़क निर्माण नहीं कराया है। नवरात्र में बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से देवी दर्शन को जाएंगे।
- नगरपालिका ने मुरसान गेट पर कोई मेन हॉल नहीं खुलवाए हैं। मैं खुद शनिवार को मुरसान गेट पर निर्माणाधीन सड़क का निर्माण करुंगा। बंद मेन हॉल खोलने वाला चाहें ठेकेदार हो या फिर कोई और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- बालकृष्ण कुम्हेरिया, ईओ