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कागजों में ही सिमटे महायोजना 2021 के प्रस्ताव       

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औद्योगिक आस्थान सहकारी समिति के उपाध्यक्ष देवेंद्र मोहता ने व्यापार व शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर नगर विकास मंत्री, सांसद, सभी विधायक व जिला स्तरीय अधिकारियों को पत्र भेजे हैं। व्यापारी नेता देवेंद्र मोहता ने कहा कि नगर के विकास की योजना 1981 में 2001 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर बनाने का प्रस्ताव हुआ था, लेकिन यह प्रस्ताव केवल कागजों में ही सिमट कर रह गया। 
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नगर की मूलभूत सुविधाओं की ओर न तो राजनीतिक स्तर पर न प्रशासनिक स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है। पीने का पानी जो 1960 में नगर के प्रत्येक घर में ऊपर मंजिल तक पहुंच जाता था वह अब लगभग नगण्य है। यातायात व्यवस्था में वाहनों की संख्या तो कई गुना हो गई, लेकिन सड़कों का निर्माण एवं क्षमता पर कार्य नहीं हुआ। सड़क चौड़ी होनी चाहिए लेकिन अतिक्रमण से सड़कें और संकरी हो गई हैं।

1981 में 11 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव यातायात नगर के लिए प्रस्तावित है जो आज तक क्रियान्वयन का मोहताज है। पार्क व क्रीड़ा स्थल के लिए 42 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित थी, लेकिन केवल 0.16 हेक्टेयर भूमि पर विकास हो सका है। औद्योगिक गतिविधियों के लिए 82 हेक्टेयर भूमि का आरक्षण था, लेकिन ऐसे आरक्षित स्थलों पर कॉलोनी खड़ी हो रही हैं। सिटी सेंटर के लिए 18.56 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई, लेकिन सिटी सेंटर के लिए हमें दूसरे नगरों में जाना पड़ता है।
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थोक व्यवसाय के लिए एक मंडी स्थल है जिसमें मानक के अनुसार और विकास होना असंभव है। इसके लिए इगलास रोड पर 32.32 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव था, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ। औद्योगिक गतिविधियों के लिए 51.33 हेक्टेयर भूमि आरक्षित है और 204.35 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव था जो कुल योजना की भूमि का 4.52 फीसदी है।

प्रस्तावित भूूमि पर अन्य उपयोगों के लिए अनुमति प्रदान की गई और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में हाथरस-अलीगढ़ रोड पर लगभग 70 इकाई अलग-अलग रूप में स्थापित हुई। शैक्षिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए नॉलेज पार्क के लिए 60.16 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव था, लेकिन इस ओर भी ध्यान नहीं दिया गया। यातायात को सुगम करने के लिए एक रिंग रोड की प्रस्तावना थी, लेकिन 16 वर्ष तक इसके लिए कोई विचार नहीं किया गया। अमृत योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद भी शासन से कोई धनराशि नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण व मंत्री महायोजना 2021 के कुछ अंशों को पूरा करा सकें तो नगर के लोगों को काफी सुविधाएं मिलेंगी।
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