भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव से पहले भगवान के ज्वर से पीड़ित होने की परंपरा एक बार फिर निभाई जा रही है। परंपरा के अनुसार भगवान अगले 15 दिनों तक ज्वर से पीड़ित रहेंगे। फिलहाल वैद्य से उनका इलाज चल रहा है और इस समय लोंग, इलायची, काली मिर्च व मुलैठी का काढ़ा तैयार करके भगवान को उसका सेवन करा रहे हैं।
जैन गली में भगवान जगन्नाथ का प्राचीन मंदिर है। मंदिर के महंत पं. रामकुमार शर्मा ने बताया कि भगवान का ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भीषण गर्मी के चलते 108 कलशों से ब्राह्णों द्वारा जलाभिषेक किया जाता है। इस कारण वह ज्वर से पीड़ित हो जाते हैं। उन्हें नियमित रूप से काढ़ा तैयार करके दिया जा रहा है। भगवान जगन्नाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। वह ज्वर से पीड़ित होने के चलते आराम कर रहे हैं।
मंदिर में शंख, घंटा, घड़ियाल, सभी वाद्य यंत्र भी प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। महंत रामकुमार शर्मा ने बताया कि आरती भी इस समय शांतिपूर्ण तरीके से की जा रही है। 18 जून को भगवान जगन्नाथ को परवल का अर्घ्य दिया जाएगा। तब स्वस्थ होने के बाद भगवान अपनी मौसी के घर जाएंगे। 20 जून को जैन गली स्थित प्राचीन जगन्नाथ जी महाराज मंदिर से भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की है। संवाद