जिले में मंगलवार को भी डीएपी लेने के लिए किसान भटकते नजर आए। जिले की ज्यादातर सहकारी समितियों पर डीएपी के स्टॉक की उपलब्धता न होने के कारण सहकारी समितियों पर ताला लटका रहा। सहकारी समिति बंद मिलने पर किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। सहपऊ, चंदपा और मुरसान स्थित ज्यादातर सहकारी समितियों पर किसानों को सन्नाटा मिला।
किसानों का कहना है कि विभाग द्वारा डीएपी की उपलब्धता को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वह खोखले साबित हो रहे हैं। विभाग किसानों को डीएपी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, इसलिए सहकारी समितियों पर ताले डालकर कर्मचारी गायब हो गए हैं। इधर, जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि शासन से जिले को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 23072 एमटी डीएपी का लक्ष्य मिला था।
माह अक्तूबर तक जिले को डीएपी का 10200 एमटी का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष जिले में 10323 एमटी डीएपी की आपूर्ति हुई है और 8334 एमटी डीएपी का वितरण हो चुका है। जिला कृषि अधिकारी बताया कि मोजैक, एनएफएल तथा आईपीएल की रैक अलीगढ, बुलंदशहर तथा एटा में दो नवंबर को लगना प्रस्तावित है। इस रैक से जिले को 1700 एमटी डीएपी की आपूर्ति होगी, जो निजी विक्रेताओं को भेजी जाएगी।
साथ ही पांच नवंबर को आईपीएल डीएपी की रैक अलीगढ़ व आगरा रेल हेड पर लगना प्रस्तावित है। इससे जिले को 600 एमटी डीएपी की आपूर्ति होगी। उन्होंने बताया है कि आलू की फसल में चार बोरे, गेहूं की फसल में तीन बोरे और सरसों की फसल में दो बोरे प्रति हेक्टेयर की आवश्यकता होती है। ज्यादा डीएपी डालने पर जमीन में 30 प्रतिशत ही उपयोग में आती है। शेष डीएपी भूमि में अघुलनशील रूप में पड़ा रह जाता है।
निर्धारित से अधिक दर बिक्री करने वालों पर हो कार्रवाई
हाथरस। किसानों की मांग के अनुसार ही उन्हें जिंक, जाइम, सल्फर, माइक्रो न्यूट्रिएंट आदि उत्पाद उपलब्ध कराएं। यूरिया, डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग की जाए। निर्धारित दरों से अधिक बिक्री करने पर उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह बात मुख्य विकास अधिकारी साहित्य प्रकाश मिश्र ने जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं एवं उर्वरक कंपनी के प्रतिनिधियों की बैठक में कही। उन्होंने अधिकारियों को स्टॉक पंजिका, विक्रय पंजिका तथा रसीद अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थोक व फुटकर विक्रेताओं तथा बिक्री केंद्रों पर उर्वरक वार बिक्री दर, स्टॉक का अंकन रेट आदि सूचनाएं स्पष्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य है। बैठक में उप निदेशक कृषि हंसराज, जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह, उर्वरक विक्रेता आदि उपस्थित थे। संवाद