हरियाणा के युवक ने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया। इसमें प्रतिष्ठान का नाम मैसर्स सुप्रीमो इलेक्ट्रिकल्स बताया था। बैंक ने मुआयना व कागजी औपचारिकता के बाद 50 लाख का लोन दे दिया। बाद में बैंक कर्मचारियों ने निरीक्षण किया तो मौके पर कोई प्रतिष्ठान नहीं मिला।
हरियाणा के भिवानी के मूल निवासी युवक ने हाथरस मुरसान गेट पर अपना प्रतिष्ठान दिखाकर बैंक से धोखाधड़ी कर 50 लाख रुपये का लोन ले लिया। मामले में बैंक प्रबंधक ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन
शहर की घास मंडी स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के प्रबंधक विनोद कुमार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि चंद्रकांत पाराशर पुत्र देवेश पाराशर निवासी मस्तान गली बिचला भिवानी हरियाणा ने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। इसमें उसने अपने प्रतिष्ठान का नाम मैसर्स सुप्रीमो इलेक्ट्रिकल्स बताया था।
बैंक ने मुआयना व कागजी औपचारिकता के बाद 50 लाख का लोन 31 मार्च 2022 को मंजूर कर दिया था। बाद में बैंक कर्मचारियों ने 16 जून 2023 को निरीक्षण किया तो मौके पर मुरसान गेट पर कोई प्रतिष्ठान नहीं मिला। आरोप है कि आरोपी ने एक षडयंत्र के तहत बैंक से धोखाधड़ी कर 50 लाख रुपये की धनराशि हड़पी है। कोतवाली सदर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।