सोने के रिकॉर्ड भावों को देखते हुए सराफा कारोबारियों ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर हल्के वजन की चेन बाजार में उतारी हैं। आधुनिक मशीनों के जरिये अब महज आधे से एक ग्राम (यहां तक कि 500 से 1000 मिलीग्राम) सोने में भी गले की खूबसूरत और टिकाऊ चेन तैयार की जा रही हैं, जिनकी शुरुआती कीमत मात्र आठ हजार रुपये है।
सराफा कारोबारियों के अनुसार पारंपरिक रूप से हाथ की कारीगरी से चार से पांच ग्राम से कम वजन में सोने की चेन बना पाना लगभग असंभव माना जाता था। कम वजन में चेन के टूटने का खतरा रहता था, लेकिन अब इस समस्या का समाधान आधुनिक तकनीक ने निकाल लिया है। मुंबई और गुजरात के प्रमुख आभूषण निर्माण केंद्रों पर ऐसी अल्ट्रा-मॉडर्न लेजर व सीएनसी मशीनें लगाई गई हैं, जो 18 कैरेट सोने का उपयोग कर सूक्ष्म तारों से बेहद मजबूत और आकर्षक डिजाइन वाली चेन ढाल रही हैं।
18 कैरेट होने के कारण इनमें मजबूती भी बनी रहती है और वजन भी अत्यधिक कम रहता है। स्थानीय बाजार में इन हल्की चेनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। शादी-ब्याह, उपहार देने और रोजाना पहनने के लिहाज से ग्राहक इन्हें हाथों-हाथ ले रहे हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि महंगाई के दौर में यह नवाचार उन ग्राहकों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जो कम बजट के चलते सोने के आभूषण खरीदने से कतरा रहे थे।
पहले पारंपरिक कारीगरी में चार से पांच ग्राम से कम वजन की सोने की चेन बनाने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था, क्योंकि जोड़ टूटने का डर रहता था, लेकिन अब गुजरात और मुंबई में लगी आधुनिक मशीनों ने यह कमाल कर दिखाया है। 18 कैरेट सोने का उपयोग कर मात्र 500 से 1000 मिलीग्राम में ऐसी चेन तैयार हो रही हैं, जो दिखने में बेहद खूबसूरत और उपयोग में पूरी तरह मजबूत हैं।
-दिलीप अग्रवाल, सराफा कारोबारी
सोने के दाम जिस तेजी से बढ़े हैं, उससे मध्यम वर्ग के ग्राहक बजट को लेकर चिंतित थे। ऐसे समय में इन हल्की चेनों का बाजार में आना ग्राहकों के लिए वरदान साबित हो रहा है। खासकर शादी-ब्याह में गिफ्ट देने और युवतियों द्वारा रोजाना कॉलेज या ऑफिस में पहनने के लिए इनकी मांग सबसे ज्यादा है। आठ हजार रुपये की शुरुआती कीमत होने से दुकान पर आने वाला हर बजट का ग्राहक इसे आसानी से खरीद पा रहा है।
सुधीर जैन, ज्वेलर्स