अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार संगीता शर्मा के न्यायालय ने अनैतिक संबंधों का विरोध करने पर पत्नी की हत्या करने के दोषी पति नीरज कौशिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
गत 18 सितंबर 2019 को नीरज कौशिक की पत्नी श्वेता ससुराल में झुलसी हुई हालत में मिली थी, 22 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। लखपति मोहल्ला निवासी तनुज शर्मा ने 23 सितंबर 2019 को थाना सिकंदराराऊ में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 11 साल पहले उनकी बहन श्वेता की शादी नीरज कौशिक निवासी ब्राह्मणपुरी तहसील सिकंदराराऊ के साथ हुई थी। दो सितंबर 2019 को वह अपने मायके हाथरस आई तो उसने परिजनों को बताया कि नीरज के एक महिला से अनैतिक संबंध हो गए हैं, जिनका विरोध करने पर वह उसे पीटता है। मायके वालों ने नीरज कौशिक को समझाया तो उसने माफी मांग ली थी।
बाद में श्वेता ने बताया कि पति अब भी महिला से फोन पर बात करता है। 18 सितंबर 2019 को सूचना मिली कि पति नीरज कौशिक ने श्वेता को बुरी तरह से पीटा। वह उसकी ससुराल पहुंचा तो घर के अंदर से श्वेता की चीखने की आवाज आ रही थी। अंदर जाकर देखा तो उसकी बहन श्वेता पूरी तरह जली अवस्था में पड़ी थी और चीख रही थी। श्वेता को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जहां 19 सितंबर को श्वेता के बयान हुए। उसके बाद सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार संगीता शर्मा के न्यायालय में हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी पति नीरज कौशिक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अमूल के विरुद्ध परिवाद दर्ज
हाथरस। दिवाली पर खरीदी गई अमूल कंपनी की मिठाई एक्सपायरी डेट बकाया होने के बाद भी खराब निकल आई।उपभोक्ता ने कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दर्ज करा दिया।
सादाबाद दरवाजा निवासी डॉ. राधा गर्ग ने दिवाली पर अपने संबंधियों को भेंट देने के लिए अमूल कंपनी की काजू की मिठाई खरीदी। इन पैकेट पर 21 नवंबर की एक्सपायरी डेट अंकित थी। इनमें से कुछ पैकेट तो उन्होंने भेंट कर दिए, जबकि एक पैकेट अपने लिए रख लिया। जब इसे खोला तो मिठाई में फंगस लगी मिली। इनके अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि दुकानदार ने पैकेट वापस नहीं लिया तो कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फोन किया। कंपनी की तरफ से लगातार आश्वासन दिए जाते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद डॉ. राधा गर्ग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को शिकायत दर्ज कराई और जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में मामला दर्ज कराया।