सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त किए जाने के विरोध में अब शिक्षामित्रों ने असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया है। शिक्षामित्रों के इस कदम से बेसिक शिक्षा विभाग को अपने प्राथमिक विद्यालयों का संचालन करना भारी पड़ने लगा है। इतना ही नहीं जिले में 104 प्राथमिक विद्यालयों पर तो शिक्षक नहीं होने के कारण ताले ही लटक गए हैं।
शुक्रवार को भी शिक्षामित्रों की संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले नगर पालिका परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। शिक्षामित्रों ने निर्णय लिया कि जब तक प्रदेश सरकार उनके मामले में कोई भी सार्थक निर्णय नहीं लेती, तब तक शिक्षकों का असहयोग आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षामित्रों के इस धरने में प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी पहुंचकर शिक्षामित्रों की मांगों का समर्थन किया।
इस धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से सुरेशचंद्र शर्मा, विजयवीर सिंह, मंत्री रमेश चौधरी, धर्मेंद्र सारस्वत, विक्रांत सेंगर, संजय सिंह, अजय शर्मा, राजेंद्र सिंह पचहरा, बृजेश वशिष्ठ, सुरेंद्र सिंह यादव, महेश यादव संघर्षी, इरफान खां, ललित बिहारी, मुकेश सेंगर, मूलचंद, हरेंद्र सिंह आदि सैकड़ों शिक्षक एवं शिक्षा मित्र मौजूद थे।
शासन को भेजी स्कूल बंद होने की रिपोर्ट
शिक्षा मित्रों के असहयोग आंदोलन के बाद जिले के कई स्कूलों पर ताले पड़ चुके हैं। इन स्कूलों में पढ़ाई लिखाई भी ठप हो गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ब्लॉकवार बंद चल रहे स्कूलों की रिपोर्ट शासन को भेजी है और इस बारे में दिशा निर्देश मांगे हैं।
ब्लॉक विद्यालय संख्या
सिकंदराराऊ 20
मुरसान 06
सासनी 08
सहपऊ 13
हसायन 19
नगर क्षेत्र सिकंदराराऊ 02
नगर क्षेत्र हाथरस 17
हाथरस 06
सादाबाद 13
कुल विद्यालय संख्या 104